पीलीभीत: चुनाव में ड्यूटी लगाई तो कर्मचारियों को बीमारी याद आई
पीलीभीत,अमृत विचार। एक तरफ अधिकारी मतदान को सकुशल संपन्न कराने के लिए दिन-रात इंतजाम दुरुस्त करने में जुटे हुए हैं। मतदाताओं को जागरूक करने के साथ ही अफसर-कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय कर दी गई है। मगर, जैसे ही अब चुनाव ड्यूटी को लेकर कर्मचारियों के पास प्रशिक्षण में पहुंचने का सरकारी फरमान पहुंचा तो कई …
पीलीभीत,अमृत विचार। एक तरफ अधिकारी मतदान को सकुशल संपन्न कराने के लिए दिन-रात इंतजाम दुरुस्त करने में जुटे हुए हैं। मतदाताओं को जागरूक करने के साथ ही अफसर-कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय कर दी गई है। मगर, जैसे ही अब चुनाव ड्यूटी को लेकर कर्मचारियों के पास प्रशिक्षण में पहुंचने का सरकारी फरमान पहुंचा तो कई कर्मचारियों को बीमारी याद आ गई है।
किसी का ब्लड प्रेशर घट-बढ़ गया तो किसी की शुगर। इससे भी काम न चला तो परिवार के बच्चे-बुजुर्ग भी बीमार होने लगे हैं। ड्यूटी कटवाने के लिए बड़ी संख्या में आवेदन पहुंच रहे हैं। जिसे लेकर अफसर भी चकरा गए हैं। इसका सीधा असर वाजिब समस्या वाले कर्मचारियों पर पड़ रहा है। अब खुद को सही साबित करने की चुनौती है, इससे चिंता बढ़ गई है।
विधानसभा चुनाव को लेकर जिले में मतदान चौथे चरण में 23 फरवरी को होना है। 969 मतदान केंद्र बनाए गए 1632 बूथों पर मतदान होना है। इसलिए बड़ी संख्या में कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। कर्मचारियों को ड्यूटी के दौरान किसी तरह की दिक्कत न आए, इसके लिए प्रशिक्षण भी दिलाया जा रहा है। हर बार की तरह इस बार भी चुनाव ड्यूटी से बचने वालों की कमी नहीं है।
पिछले कई दिनों से कर्मचारी ड्यूटी कटवाने की जद्दोजहद में लग गए हैं। इसके लिए विकास भवन में रोजाना आवेदन पहुंच रहे हैं। पांच सौ से अधिक कर्मचारियों की ओर से ड्यूटी कटवाने के लिए प्रार्थना पत्र दिया गया है। इस पर अधिकारी विचार कर रहे हैं। खास बात ये है कि अधिकांश ने बीमारी का ही हवाला दिया है।
सवाल ये है कि अगर ये कर्मचारी इतने बीमार और अनफिट हैं तो सरकारी नौकरी आम दिनों में किस तरह से करते रहे। वहीं, कई आवेदन ऐसे भी हैं, जिसमें घर के बुजुर्ग और बच्चों की बीमारी का हवाला दे दिया गया है। इसे लेकर विकास भवन में खलबली मची है। अफसर भी सभी को नियमों और उच्चाधिकारियों का हवाला देते हुए किसी तरह टाल रहे हैं।
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