उत्तर कोरिया पर चर्चा के लिए अमेरिका ने जापान-दक्षिण कोरिया संग की हवाई में बैठक
होनोलूलू (अमेरिका)। अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने जापान एवं दक्षिण कोरिया के अपने समकक्षों से शनिवार को हवाई में बैठक कर परमाणु हथियारों से लैस उत्तर कोरिया के खतरे पर चर्चा की। ब्लिंकन जापान के विदेश मंत्री योशिमासा हयाशी और दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्री चुंग यूई-योंग के साथ होनोलूलू में मिले। तीनों …
होनोलूलू (अमेरिका)। अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने जापान एवं दक्षिण कोरिया के अपने समकक्षों से शनिवार को हवाई में बैठक कर परमाणु हथियारों से लैस उत्तर कोरिया के खतरे पर चर्चा की। ब्लिंकन जापान के विदेश मंत्री योशिमासा हयाशी और दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्री चुंग यूई-योंग के साथ होनोलूलू में मिले। तीनों देशों के रक्षा प्रमुखों ने पिछले हफ्ते कहा था कि उत्तर कोरिया के हालिया मिसाइल परीक्षण क्षेत्रीय सुरक्षा को अस्थिर कर रहे हैं।
Good discussion with @MOFAkr_eng Minister Chung Eui-yong regarding the importance of the U.S.-ROK Alliance in tackling the most pressing global challenges. pic.twitter.com/wFPOQqN8nz
— Secretary Antony Blinken (@SecBlinken) February 13, 2022
कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि उत्तर कोरिया लंबे समय से रुकी हुई परमाणु वार्ता को फिर से शुरू करने के लिए राष्ट्रपति जो बाइडेन के प्रशासन पर दबाव डालने के मकसद से हथियार का परीक्षण कर रहा है, क्योंकि उत्तर कोरिया में दशकों के कुप्रबंधन और अमेरिका के नेतृत्व वाले प्रतिबंधों से पहले से ही पस्त अर्थव्यवस्था पर महामारी के कारण और दबाव पड़ा है। बाइडेन प्रशासन ने उत्तर कोरिया को खुली बातचीत की पेशकश की है, लेकिन देश के परमाणु कार्यक्रम में सार्थक कटौती के बिना प्रतिबंधों को कम करने की कोई इच्छा नहीं दिखाई है।
प्रतीत होता है कि उत्तर कोरिया अपने सबसे महत्वपूर्ण सहयोगी चीन में शीतकालीन ओलंपिक के कारण अपने परीक्षणों को रोक रहा है, लेकिन विश्लेषकों का मानना है कि उत्तर कोरिया ओलंपिक के बाद अपने हथियारों के परीक्षण में नाटकीय रूप से वृद्धि करेगा। हाल के परीक्षणों ने उत्तर कोरिया के पड़ोसियों दक्षिण कोरिया और जापान को झकझोर दिया है।
दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून जेई-इन, जिन्होंने 2018 और 2019 में उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन और पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बीच ऐतिहासिक वार्ता स्थापित करने में मदद की, ने पिछले महीने कहा था कि परीक्षण संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों का उल्लंघन है और उत्तर कोरिया से आग्रह किया था कि वह ”तनाव और दबाव पैदा करने वाली कार्रवाइयां” बंद करे। उत्तर कोरिया ने 2006 में पहला परमाणु परीक्षण किया था, जिसके बाद सुरक्षा परिषद ने उस पर प्रतिबंध लगाए थे।
इसके बाद किए गए परमाणु परीक्षण के बाद इन प्रतिबंधों को और कड़ा कर दिया या था। चीन और रूस ने उत्तर कोरिया की आर्थिक कठिनाइयों का हवाला देते हुए समुद्री खाद्य निर्यात पर प्रतिबंध और विदेशों में काम करने वाले उसके नागरिकों पर रोक और उनकी कमाई घर भेजने जैसी पाबंदियों को हटाने का आह्वान किया है। ब्लिंकन फिजी से हवाई पहुंचे, जहां उन्होंने देश के कार्यवाहक प्रधानमंत्री अयाज सय्यद-खैयम और अन्य प्रशांत क्षेत्रीय नेताओं के साथ क्षेत्रीय मुद्दों, विशेष रूप से जलवायु परिवर्तन से उत्पन्न अस्तित्व संबंधी जोखिम के बारे में बात करने के लिए मुलाकात की।
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किसी अमेरिकी विदेश मंत्री की 1985 के बाद यह पहली फिजी यात्रा थी। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया से प्रशांत क्षेत्र के अपने दौरे की शुरुआत की, जहां उन्होंने ऑस्ट्रेलिया, भारत और जापान के अपने समकक्षों से मुलाकात की। ‘क्वाड’ हिंद-प्रशांत में इन चार लोकतंत्रिक देशों का समूह है, जिसे चीन के क्षेत्रीय प्रभाव का मुकाबला करने के लिए बनाया गया।
