UP Election 2022 : दूसरे चरण में कई सीटों पर दिग्गजों में होगा घमासान
विनोद श्रीवास्तव/अमृत विचार। प्रदेश के नौ जिले में दूसरे चरण में होने वाले मतदान में दिग्गजों की सत्ता की डगर आसान नहीं है। कहीं आमने सामने की टक्कर है तो कहीं त्रिकोण के भंवर में प्रत्याशियों की तकदीर फंस रही है। इन सीटों पर चुनाव मैदान में कूदे कई दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर है। …
विनोद श्रीवास्तव/अमृत विचार। प्रदेश के नौ जिले में दूसरे चरण में होने वाले मतदान में दिग्गजों की सत्ता की डगर आसान नहीं है। कहीं आमने सामने की टक्कर है तो कहीं त्रिकोण के भंवर में प्रत्याशियों की तकदीर फंस रही है। इन सीटों पर चुनाव मैदान में कूदे कई दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर है। इसमें रामपुर में सियासत का पर्याय माने जाने वाले आजम खां हैं तो इसी जिले से राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख भी चुनावी अखाड़े में पहलवानी का दम दिखा रहे हैं।
14 फरवरी को दूसरे चरण की नौ जिलों में मतदान होगा, 55 विधानसभा सीटों वोटिंग के जरिए मतदाता अपना सिरमौर चुनेंगे। इस चरण में चुनाव लड़ रहे दिग्गजों के अलावा दूसरी दफा राजनीतिक दंगल में उतारे गए कई विधायकों की भी प्रतिष्ठा कसौटी पर है। कई सीटों पर आमने-सामने की टक्कर में सूरमा एक दूसरे को पटखनी देने में जुटे हैं तो कई जगह त्रिकोण का पेंच फंसा है। इस चरण के कद्दावर नेताओं में योगी सरकार में मंत्री सुरेश खन्ना, गुलाब देवी, बलदेव सिंह औलख हैं तो सपा के दिग्गज वर्तमान सांसद और तीन बार के मंत्री आजम खां, पूर्व मंत्री धर्मपाल सिंह सैनी, कमाल अख्तर और महबूब अली की प्रतिष्ठा कसौटी पर है।
कहां से किसकी प्रतिष्ठा पर दांव : शाहजहांपुर में प्रदेश सरकार में मंत्री सुरेश खन्ना मैदान में हैं। उनके सामने गठबंधन के प्रत्याशी के तौर पर समाजवादी पार्टी के तनवीर खान चुनाव लड़ रहे हैं। इस सीट से बसपा ने सर्वेश चंद्र को उतारा है।
जेल से आजम की चुनावी ताल : रामपुर में राजनीति के पर्याय माने जाने वाले सपा सांसद, तीन बार के मंत्री और वर्तमान में सीतापुर जेल से चुनावी ताल ठोकने वाले आजम खां की वजह से रामपुर सीट प्रदेश की हाट सीट में शुमार है। उनके सामने भाजपा के आकाश सक्सेना और बसपा के शंकर लाल सैनी ने चुनौती पेश की है।
धर्म सिंह सैनी के सामने भी चुनौती : भाजपा सरकार में मंत्री रहे धर्म सिंह सैनी पार्टी छोड़कर सपा के टिकट पर इस बार सहारनपुर के नकुल विधानसभा से मैदान में हैं, उनका मुकाबला यहां भाजपा के मुकेश चौधरी से है।
आंवला से धर्मपाल तो चंदौसी से गुलाब देवी की प्रतिष्ठा : आंवला विधानसभा सीट पर भाजपा सरकार में मंत्री रहे धर्मपाल सिंह का सामना सपा के राधाकृष्ण शर्मा, बसपा के लक्ष्मण प्रसाद और कांग्रेस के ओमवीर यादव से है। प्रतिद्वंद्वियों के दम से इस सीट पर पेंच फंसा है। यही स्थिति संभल जिले की चंदौसी सीट से योगी सरकार में मंत्री गुलाब देवी की है। उनके टक्कर में कांग्रेस के मिथिलेश, सपा के विमलेश और बसपा के हाथी पर सवार होकर रणविजय सिंह हैं। वहीं मुरादाबाद जिले की कांठ सीट से सपा के पूर्व मंत्री कमाल अख्तर ने भी इस सीट का तापमान बढ़ा दिया है।
महबूब अली की राह भी आसान नहीं
अमरोहा सीट पर सपा के पूर्व मंत्री महबूब अली की राह भी इस बार आसान नहीं है। भाजपा ने उनके सामने राम सिंह सैनी को तो बसपा से नावेद ने ताल ठोंकी है। त्रिकोण में फंसी यह सीट कोई नई इबारत लिख दे तो हैरत नहीं।
बिलासपुर में बलदेव सिंह औलख भी टेंशन में
रामपुर जिले की विलासपुर विधानसभा क्षेत्र से प्रदेश सरकार में मंत्री अकेले सिख नेता बलदेव सिंह औलख चुनाव मैदान में हैं। पिछला विधानसभा चुनाव औलख ने कांग्रेस के प्रत्याशी को हराकर जीता था। इस बार उनकी राह भी आसान न होने से वह टेंशन में हैं।
कल इन नौ जिलों में पड़ेगा वोट
14 फरवरी को वेलेंटाइन डे के दिन दूसरे चरण में नौ जिलों सहारनपुर, बिजनौर, मुरादाबाद, संभल, रामपुर, अमरोहा, बदायूं, बरेली और शाहजहांपुर की 55 सीटों पर वोट पड़ेंगे। इसमें 586 उम्मीदवारों की किस्मत मतदाता ईवीएम में कैद करेंगे। उनकी तकदीर का फैसला 10 मार्च को ईवीएम का लाक खुलने और वोटों की गिनती के बाद तय होगा।
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