इलेक्शन इफेक्ट: अयोध्या में महका फूलों का कारोबार, सर्राफा व्यापारियों में मायूसी
अयोध्या। कोरोना काल से मंदी की राह पर चल रहे फूल कारोबार को चुनाव व सहालग ने संजीवनी देने का काम किया है। फूलों की मांग में तेजी आने से दो साल से निराश बैठे विक्रेताओं के चेरहे खिल उठे हैं। दूसरी तरफ इलेक्शन को लेकर पुलिस की जगह-जगह पर चल रही चेकिंग को लेकर …
अयोध्या। कोरोना काल से मंदी की राह पर चल रहे फूल कारोबार को चुनाव व सहालग ने संजीवनी देने का काम किया है। फूलों की मांग में तेजी आने से दो साल से निराश बैठे विक्रेताओं के चेरहे खिल उठे हैं। दूसरी तरफ इलेक्शन को लेकर पुलिस की जगह-जगह पर चल रही चेकिंग को लेकर स्वर्ण खरीदार सहमे हुए हैं। क्योंकि 50 हजार से ज्यादा की नकदी का स्रोत न बताने पर उसे जब्त कर लिया जा रहा है। इसका इफेक्ट सर्राफा कारोबारियों पर पड़ रहा है। कारोबारियों का मानना है कि सहालग के समय में 20 करोड़ का कारोबार होता था, लेकिन अब महज दो से ढाई करोड़ का ही व्यापार हो रहा है।
बुके और गेंदे के फूलों की माला की मांग बढ़ी
मकबरा स्थित फूल विक्रेता अन्नू कश्यप ने बताया कि चुनाव और सहालग की वजह से कारोबार में काफी फायदा हो रहा है। दो साल से काम बिल्कुल ठप पड़ा था। इधर, शादियों का सीजन चल रहा है और चुनाव भी आ गया है। ऐसे में गेंदा और गुलाब की मांग में तेजी आई है। हमारे यहां प्रतिदिन शादियों के स्टेज व दूल्हों की कारें ही नहीं सजतीं बल्कि नेताओं को देने के लिए बुके भी बन रहे हैं। 200 रुपये से लेकर 1500 रुपये तक के बुके तैयार किए जा रहे हैं। 10 गुलाब वाला बुके 500 रुपये तक बिक रहा है। 40 पीस वाला गुलाब 1000 रुपये का मिल रहा है, जबकि गेंदा 140 रुपये किलो है। गुलाब नासिक से तो गेंदा लखनऊ व बाराबंकी से आ रहा है।
20 करोड़ तक का कारोबार, अब दो करोड़ में सिमटा
सर्राफा मंडल साकेत के महामंत्री नरेश अग्रवाल ने बताया कि इलेक्शन के कारण सहालग में हमारा व्यापार बहुत प्रभावित हुआ है। पहले जिले में सहालग के दौरान 20 करोड़ रुपये का प्रतिदिन कारोबार होता था, जो अब 20 प्रतिशत पर सिमटकर 2 से 2.5 करोड़ रुपये का ही रह गया है। जगह-जगह चेकिंग से व्यापारी परेशान है। खरीदार भी सहमा हुआ है। नकदी देकर सोना खरीदने वालों की संख्या अब न के बराबर है। मोबाइल से खरीदारी करने की एक सीमा होती है और आरटीजीएस खरीदार कर नहीं पाएगा। काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है। जिले में सर्राफा की 272 दुकानें रजिस्टर्ड हैं। सर्राफा कारोबारी बहुत ही बुरी स्थिति से गुजर रहे हैं।
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