पीलीभीत: बीयर बार में हुए गोलीकांड में मोबाइल व्यापारी गिरफ्तार, चाकू बरामद
पीलीभीत,अमृत विचार। बीयर बार में हुए गोलीकांड की सुस्त कार्रवाई विवेचना सुनगढ़ी पुलिस से हटाए जाने के बाद रफ्तार पकड़ती दिखाई दे रही है। इससे सुनगढ़ी पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठ गए हैं। सुनगढ़ी पुलिस जिन हमलावरों के नाम नहीं जुटा पा रही थी। उसी मामले में कोतवाली पुलिस ने 24 घंटे के भीतर …
पीलीभीत,अमृत विचार। बीयर बार में हुए गोलीकांड की सुस्त कार्रवाई विवेचना सुनगढ़ी पुलिस से हटाए जाने के बाद रफ्तार पकड़ती दिखाई दे रही है। इससे सुनगढ़ी पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठ गए हैं। सुनगढ़ी पुलिस जिन हमलावरों के नाम नहीं जुटा पा रही थी। उसी मामले में कोतवाली पुलिस ने 24 घंटे के भीतर एक-एक कर दो हमलावर धर दबोचे। एक दिन पूर्व बैंड संचालक को पकड़ा था। अब मोबाइल व्यापारी भी गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। उसके पास से चाकू की बरामदगी हुई है।
शहर के मोहल्ला अशरफ खां निवासी ठेकेदार मोहम्मद कासिफ बीते मंगलवार रात छतरी चौराहा के पास स्थित मीनार बार में था। वहां पर पहुंचे मोहल्ला डोरीलाल निवासी पूर्व चेयरमैन के भतीजे विवेक अग्रवाल से उसका विवाद हो गया था। बार के भीतर शुरू हुए विवाद ने तूल पकड़ा और रेलिंग के पास पहुंचते ही पूर्व चेयरमैन के भतीजे ने ठेकेदार के सीने में तमंचे से गोली मार दी थी।
ठेकेदार के पिता यामीन खां की तहरीर पर सुनगढ़ी पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मुख्य आरोपी विवेक और उसके भाई अमन को जेल भेज दिया था। मगर, इसके बाद से पुलिस कार्रवाई ठप पड़ गई थी। सुरागरसी को लेकर भी ठोस कदम नहीं उठाए गए तो वादी ने भी सवाल उठा दिए थे। जिसके बाद एसपी ने विवचेना सुनगढ़ी से हटाकर कोतवाली स्थानांतरित कर दी थी।
एसओजी को भी हमलावरों की धरपकड़ में लगा दिया था। एक दिन पूर्व कोतवाली पुलिस ने मामले में मोहल्ला खैरुल्लाशाह निवासी जुवैर उर्फ गुड्डू को पकड़ा था। इसके बाद रविवार देर रात एक और आरोपी दबोचा गया। इस गोलीकांड में राजीव कॉलोनी निवासी मोबाइल व्यापारी सैनी उर्फ सुनील पुत्र सत्यप्रकाश को एसओजी टीम की मदद से कोतवाली पुलिस ने रोडवेज के पास से गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से एक चाकू भी बरामद हुआ। सोमवार को पुलिस ने आरोपी को चालान कर कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया।
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