मुरादाबाद : पति की सुनी न सास की, खुद तय किया प्रत्याशी

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

मुरादाबाद, अमृत विचार। हमारी अपनी सोच है, अपने अधिकार हैं, विकास के लिए नजरिया है, आधी आबादी ने इन्हीं संदेशों के साथ मतदान में जोश दिखाया। सोमवार को महिलाओं ने भी मतदान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। साथ ही इस बार न अपने पति की बात मानी और न ही सास की चलने दी। किसे वोट …

मुरादाबाद, अमृत विचार। हमारी अपनी सोच है, अपने अधिकार हैं, विकास के लिए नजरिया है, आधी आबादी ने इन्हीं संदेशों के साथ मतदान में जोश दिखाया। सोमवार को महिलाओं ने भी मतदान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। साथ ही इस बार न अपने पति की बात मानी और न ही सास की चलने दी। किसे वोट देना है और कौन क्षेत्र के लिए बेहतर रहेगा, ये सोच समझकर पसंद के प्रत्याशी को मतदान किया।

जिले में सुबह सात बजे मतदान शुरू होते ही महिलाओं की भीड़ उमड़ती रही। वोट डालने के लिए महिलाओं में काफी उत्साह था। बूथ के बाहर महिलाएं भी बुजुर्गों के साथ लाइन में लगी हुई थीं। ऐसे में वोट डालने के बाद बूथ के बाहर आने पर जब उनसे पूछा कि पसंद के प्रत्याशी के लिए बटन दबाया या फिर पति-ससुर की चली। इस पर महिलाएं बोलीं, हम भी अपनी समझ रखते हैं और परिजनों को जो पसंद था, उसे चुना और मैंने प्रत्याशी को ध्यान में रखकर मतदान किया है

पार्टी की नीतियों को समझकर ही वोट किया
टीवी पर नेताओं को सुनती हूँ और उनकी पार्टी की नीतियों को समझकर ही वोट किया है। इस बाद परिजनों को नहीं, मैं खुद के पसंदीदा पार्टी और प्रत्याशी को ही देकर आई हूँ।
सोनिया गुप्ता, रामगंगा विहार

मतदान खुद की पसंद से किया है। हम पढ़े-लिखे हैं और कौन सा दल-प्रत्याशी बेहतर होगा। इसका निर्णय कर सकते हैं। हम परिवार के फैसलों में भले ही हस्तक्षेप न करें, लेकिन मतदान खुद की पसंद से किया है।
कविता सिंह, आशियाना

मतदान हमारा अधिकार है और महिलाएं खुद भी अपनी सरकार चुनने के लिए स्वतंत्र हैं। इस बाद न किसी की सुनी और नहीं किसी की मानी। अपनी पसंद के प्रत्याशी को वोट किया।
रोहिनी कंसल

आज की महिलाएं सशक्त हैं। हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं। ऐसे में मताधिकार का निर्णय भी ले सकती हैं। विकास और शिक्षा का आंकलन करते हुए अपनी समझ से वोट दिया है। ताकि भविष्य बेहतर बन सके।
प्रियंका

संबंधित समाचार