कुशीनगर के सत्यम ने माता पिता को दिया चांद पर जमीन का तोहफा

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कुशीनगर। पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले में एक युवक ने अपने माता-पिता को उनकी शादी की 26वीं सालगिरह पर चांद पर जमीन का नायाब तोहफा दिया है। तमकुही निवासी सत्यम सम्राट ने चांद पर जमीन खरीदी है। यह जमीन खरीद कर वह टॉम क्रूज, जॉन ट्रावोल्टा, जिमी कार्टर, शाहरुख खान व सुशांत सिंह राजपूत …

कुशीनगर। पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले में एक युवक ने अपने माता-पिता को उनकी शादी की 26वीं सालगिरह पर चांद पर जमीन का नायाब तोहफा दिया है। तमकुही निवासी सत्यम सम्राट ने चांद पर जमीन खरीदी है। यह जमीन खरीद कर वह टॉम क्रूज, जॉन ट्रावोल्टा, जिमी कार्टर, शाहरुख खान व सुशांत सिंह राजपूत जैसी शख्सियतों की श्रेणी में आ गए हैं। सत्यम ने यह जमीन अपने माता-पिता को उनकी शादी की 26वीं सालगिरह पर उपहार दी है।

23 वर्षीय सत्यम दिल्ली विश्वविद्यालय में स्नातक (वाणिज्य) अंतिम वर्ष का छात्र हैं। पढ़ाई के साथ वह पेशेवर गायक भी है और अपने बैंड के साथ अलग अलग शहरों में प्रस्तुतियां देते हैं। अपनी कमाई से उन्होंने कुछ रकम जुटाई थी। 14 फरवरी को पिता विनोद सर्राफ व माता लक्ष्मी वर्मा की शादी की वर्षगांठ पर सत्यम ने कुछ अनूठा गिफ्ट देने की सोची। इंटरनेट पर सर्च के दौरान उन्हें पता चला कि कई नामी हस्तियों ने चांद पर जमीन खरीदी है। सर्च करने पर यह भी पता चला कि इंटरनेशनल लूनर लैंड्स रजिस्ट्री नामक अमेरिकी संस्था चांद पर जमीन बेचती है।

उन्होंने यही उपहार माता-पिता को देने का मन बनाया। वह संस्था की वेबसाइट पर गए और बताए गए विकल्पों के अनुसार एक एकड़ जमीन खरीदने की इच्छा जताई। संस्था ने ऑनलाइन उनका आवेदन स्वीकार किया और रकम जमा करने कहा। रकम जमा करने से लेकर रजिस्ट्री के पेपर घर तक पार्सल से पहुंचने में ढाई महीने का समय लगा। एक सप्ताह पूर्व कागज मिलने के बाद सत्यम ने कंपनी की शर्तों के अनुसार पेपर पर खर्च हुए 14 हजार रुपये और जमा करा दिए।

चांद को दुनिया भर के देशों ने कॉमन हेरिटेज का दर्जा दिया है। कॉमन हेरिटेज पूरी मानवता के लिए होता है। लूनर लैंड्स वेबसाइट दावा करती है कि कई देशों ने आउटर स्पेस में इसे जमीन बेचने के लिए अधिकृत किया है। लोग चांद पर जमीन खरीद तो सकते हैं पर इसका कोई भी निजी इस्तेमाल नहीं कर सकते। भारत समेत लगभग 110 देशों ने 10 अक्तूबर 1967 को एक समझौता किया था, जिसे आउटर स्पेस ट्रीटी के नाम से जाना जाता है। इसके मुताबिक आउटर स्पेस में चांद भी शामिल है। आउटर स्पेस ट्रीटी के अनुसार वहां न तो जा सकते हैं न रह सकते हैं। जमीन पर मालिकाना हक भी नहीं जता सकते।

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