यूपी चुनाव 2022: पूरब का सियासी तापमान बढ़ाने गोरखपुर में उतरेगी दिग्गजों की फौज
गोरखपुर। पूरब के किले को बचाने के लिये भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बड़े नेताओं की फौज अगले कुछ दिनों में यहां डेरा डाल देगी, वहीं समाजवादी पार्टी (सपा),बहुजन समाज पार्टी (बसपा) और कांग्रेस के दिग्गज भाजपा के कब्जे वाले क्षेत्रों को अपने अधिकार में लेने के लिये वाकयुद्ध का सहारा लेंगे। पूर्वाचंल के गोरखपुर …
गोरखपुर। पूरब के किले को बचाने के लिये भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बड़े नेताओं की फौज अगले कुछ दिनों में यहां डेरा डाल देगी, वहीं समाजवादी पार्टी (सपा),बहुजन समाज पार्टी (बसपा) और कांग्रेस के दिग्गज भाजपा के कब्जे वाले क्षेत्रों को अपने अधिकार में लेने के लिये वाकयुद्ध का सहारा लेंगे।
पूर्वाचंल के गोरखपुर और बस्ती मंडल के सात जिलों में छठे चरण में तीन मार्च को मतदान होगा। वर्ष 2017 के विधान सभा चुनाव में गोरखपुर और बस्ती मंडल के 41 सीटों में से 33 पर भाजपा और उसके सहयोगी दलों ने कब्जा जमाया था। मौजूदा चुनाव में वही प्रदर्शन दोहराने के लिए पार्टी ने पूरी ताकत झोंक दी है।
मंगलवार को गोरखपुर मंडल में चार रैलियां करेंगे पीएम मोदी
पार्टी सूत्रों ने मंगलवार को बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की गोरखपुर मंडल में चार चुनावी रैलियां प्रस्तावित हैं जबकि भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा,केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ताबड़तोड़ रैलियां करके भाजपा के पक्ष में माहौल बनाने का काम करेंगे।
सीएम योगी 17 फरवरी को गोरखपुर में डालेंगे डेरा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 17 फरवरी से गोरखपुर में डेरा डाल देंगें। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार 20 फरवरी को कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा जिले के पिपराइच में रोड-शो करेंगी तो 23 फरवरी को आम आदमी पार्टी के नेता व दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल गोरखपुर जनसभा करेंगे। इसी प्रकार 26 फरवरी को बसपा प्रमुख मायावती का गोरखपुर के चम्पा देव पार्क में जनसभा करके पूर्वांचल में लड़ाई को तेज करने का प्रयास करेंगी।
23 से 28 तक अखिलेश, जयंत, जया बच्चन करेंगी रैलियां
सपा अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, पार्टी की सांसद जया बच्चन, राष्ट्रीय लोक दल के नेता जयंत चौधरी और पाटियों के अन्य बड़े नेता 23 से 28 फरवरी तक गोरखपुर में रैलियां करेंगे जिससे पूर्वांचल का सियासी तापमान बढ़ने के आसार हैं। उधर, क्षेत्र के और ग्रामीण इलाकों के माेहल्लों, बाजारों और चायपान की दूकानों पर चुनावी चर्चा, मतदान के रूझान और योगी आदित्यनाथ द्वारा कराये गये विकास कार्य पर गरमागरम बहस का दौर जारी है।
अल्पसंख्यक मतदाता जिसकी अधिकांश जनसंख्या जिले के गोरखनाथ क्षेत्र में है, उनका भी कहना है कि गोरखनाथ इलाके को गोलघर बना देने वाले योगी आदित्यनाथ को उनका समर्थन जारी रहेगा।
