पीलीभीत: चुनाव की तैयारियों में जुटा प्रशासन, समितियों पर खाद की कमी

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

बिलसंडा,अमृत विचार। प्रशासन चुनाव की तैयारियों में जुटा है इसकी वजह से समितियों पर यूरिया खाद की उपलब्धता नहीं हो पा रही है। नतीजतन किसानों को गेहूं की फसल में लगाने के लिए यूरिया की कमी खल रही है। गेहूं की फसल तैयार करने के लिए सर्वाधिक जरूरत यूरिया खाद की होती है। लेकिन मौजूदा …

बिलसंडा,अमृत विचार। प्रशासन चुनाव की तैयारियों में जुटा है इसकी वजह से समितियों पर यूरिया खाद की उपलब्धता नहीं हो पा रही है। नतीजतन किसानों को गेहूं की फसल में लगाने के लिए यूरिया की कमी खल रही है। गेहूं की फसल तैयार करने के लिए सर्वाधिक जरूरत यूरिया खाद की होती है। लेकिन मौजूदा वक्त में क्षेत्र की एक भी समिति पर यूरिया खाद उपलब्ध नहीं है।

ऐसे में किसानों को बाजार से यूरिया खाद लेनी पड़ रही है। किसानों को जब भी खाद की जरूरत होती है तब उसे जूझना पड़ता है। कहने को तो नगर एवं क्षेत्र के गांव बमरोली, सिंधौरा खरगपुर, भदेगकंजा, नांद ,घुंघचईया, इमलिया गंगी एवं जमुनिया महुआ घुरी खास समेत नौ सहकारी समितियां हैं। लेकिन मौजूदा वक्त में किसी भी समिति पर यूरिया खाद उपलब्ध नहीं है।

समितियों पर खाद की उपलब्धता बरकरार रखने की जिम्मेदारी पीसीएफ की होती है। खाद की डिमांड के साथ ही पीसीएफ को समितियों की ओर से अग्रिम भुगतान के चेक भेजे जाते हैं। उसके बाद ही समितियों पर खाद उपलब्ध कराई जाती है। नगर स्थित किसान सेवा सहकारी समिति के सचिव भानु प्रताप सिंह ने बताया कि हफ्ते भर पहले ही तीन ट्रक यूरिया खाद मंगाने के लिए एडवांस में चेक भेज दिए थे।

लेकिन सप्लाई आज तक नहीं हुई। कमोबेश यही स्थिति क्षेत्र की अन्य सहकारी समितियों की है। जिन पर मौजूदा वक्त में यूरिया खाद पाने के लिए किसान हर रोज चक्कर लगा रहे हैं। गांव पिपरगहना निवासी कृषक लालू सिंह का कहना है कि सहकारी समिति पर काफी समय से यूरिया खाद उपलब्ध नहीं है।

इसकी वजह से बाजार से खरीदनी पड़ रही है। समिति पर यूरिया खाद की उपलब्धता न होने की वजह से उन किसानों को खासी परेशानी उठानी पड़ रही है, जिनकी समितियों पर लिमिट बनी हुई है। यह अलग बात है कि समिति पर जिन कृषकों की लिमिट बनी हुई हैं, उन्हें नकद भुगतान दिए जाने की भी व्यवस्था है।

ये भी पढ़ें-

बरेली: दो दिन बाद शुरू होगा बैडमिंटन टूर्नामेंट, पहली बार सभी बोर्ड के शिक्षक होंगे शामिल

संबंधित समाचार