यूपी चुनाव 2022: महिला मतदाताओं के रुख पर निर्भर करेगा कांग्रेस का भविष्य, पढ़ें…

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

बाराबंकी। जिले में कांग्रेस उम्मीदवारों की जीत हार का पूरा दारोमदार महिला मतदाताओं पर आकर टिक गया है। पार्टी ने जिले की 6 विधानसभा सीटों में से चार विधानसभा क्षेत्रों में महिला उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतारे हैं। अन्य दलों ने भी महिला मतदाताओं पर दांव लगाया है। जिले की 6 सीटों पर इस बार …

बाराबंकी। जिले में कांग्रेस उम्मीदवारों की जीत हार का पूरा दारोमदार महिला मतदाताओं पर आकर टिक गया है। पार्टी ने जिले की 6 विधानसभा सीटों में से चार विधानसभा क्षेत्रों में महिला उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतारे हैं। अन्य दलों ने भी महिला मतदाताओं पर दांव लगाया है। जिले की 6 सीटों पर इस बार 9 महिला मतदाताओं की दावेदारी है।

कांग्रेस पार्टी ने कुर्सी विधानसभा क्षेत्र से उर्मिला पटेल, बाराबंकी सदर विधानसभा क्षेत्र से रूही अरशद, दरियाबाद विधानसभा क्षेत्र से चित्रा वर्मा तथा हैदर गढ़ विधानसभा क्षेत्र निर्मला कुमारी को अपना उम्मीदवार घोषित किया है। पार्टी ने जैदपुर और रामनगर विधानसभा क्षेत्र से ही पुरुष उम्मीदवार को मौका दिया है।

इसके अलावा बसपा ने कुर्सी विधानसभा क्षेत्र से मीता गौतम जैदपुर विधानसभा क्षेत्र से श्रीमती उषा सिंह को चुनाव मैदान में उतारा है। रामनगर विधानसभा क्षेत्र से राष्ट्रीय दृष्टिगोचर पार्टी की उषा दिवेदी की भी दावेदारी है।

भारतीय जनता पार्टी ने सदर विधानसभा क्षेत्र से राजकुमारी मौर्य को टिकट दिया है। आम आदमी पार्टी की शिवानी हैदरगढ़ विधानसभा क्षेत्र से चुनाव मैदान में हैं। ऐसे में महिला मतदाताओं की भूमिका काफी महत्वपूर्ण हो गई है। इस बार महिला मतदाताओं की संख्या भी जिले में बढ़ी है।

 

कांग्रेस पार्टी के उत्तर प्रदेश प्रभारी प्रियंका गांधी ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में महिलाओं को 40 प्रतिशत टिकट देने का जो वादा किया था वह बाराबंकी में बढ़कर 60% से भी अधिक हो गया है। लड़की हूं लड़ सकती हूं कि नारे के साथ ना केवल महिलाएं बल्कि कांग्रेस के पुरुष उम्मीदवार भी महिला उम्मीदवारों से उनकी राजनीतिक भागीदारी के नाम पर वोट मांग रहे हैं। महिलाओं का कितना झुकाव कांग्रेस पार्टी की और होगा यह तो वक्त बताएगा।

जिले में महिला मतदाताओं की स्थिति

जिले में इस बार कुल 1080823 महिला मतदाता हैं, जिनमें से कुर्सी विधानसभा क्षेत्र में 183609, रामनगर विधानसभा क्षेत्र में 156624, बाराबंकी सदर विधानसभा क्षेत्र में एक लाख 83 हजार अट्ठारह, जैदपुर विधानसभा क्षेत्र में 188134, दरियाबाद विधानसभा क्षेत्र में 194647,  हैदरगढ़ विधानसभा क्षेत्र में 1 लाख 66 हजार 50, महिलाएं मतदान में हिस्सा लेंगे। इसके अलावा रुदौली आरक्षित क्षेत्र में भी 8741 महिला मतदाता हैं। यह महिलाएं किसी भी उम्मीदवार का नाम बदल सकती हैं।

इन महिलाओं ने पूर्व फतह किए थे किले

बाराबंकी ने हमेशा महिला नेतृत्व को बढ़ावा दिया है। आजादी के बाद 1957 में हुए विधानसभा चुनाव में पहली बार बिंदुमती दास यहां से चुनकर विधानसभा में पहुंची।1969 में कांग्रेस के टिकट पर बेगम हमीदा हबीबुल्लाह ने हैदर गढ़ से चुनाव जीतकर विधानसभा में कदम रखा था। 1974 में मोहसिना किदवई ने मसौली से चुनाव जीतकर पूरे देश का नेतृत्व किया।

1993 में भाजपा के ही टिकट पर रामनगर से राजलक्ष्मी वर्मा विधायक चुनी गई। वे 2002 में उन्हीं से निर्वाचित हुई। उनके साथ ही भाजपा के ही टिकट पर राजरानी रावत फतेहपुर से चुनाव जीती। राजधानी रावत एक ही समय में भाजपा से जिले में विधायक रही हैं। हालांकि 2017 के चुनाव में मैदान में उतरी कोई भी महिला चुनाव नहीं जीत सकी थी। जिला पंचायत पर अभी भी महिला का ही कब्जा है। यहीं से 2014 में प्रियंका रावत सांसद चुनी गई थी।

चारों सदन की सदस्य रहीं हैं मोहसिना किदवई

1974 में बाराबंकी के मसौली क्षेत्र से विधायक चुनी गईं श्रीमती मोहसिना की दवाई ना केवल विधानसभा बल्कि विधान परिषद लोकसभा और राज्यसभा की भी सदस्य रही है।

यह भी पढ़ें: उत्तराखंड: राजीव गांधी नवोदय विद्यालय की प्रवेश परीक्षा की तिथि हुई जारी, 105 केंद्रों पर 13943 परीक्षार्थी होंगे शामिल

संबंधित समाचार