मुरादाबाद : अब लड़ाकू विमान मिग-21 को जानेंगे प्रशिक्षु
मुरादाबाद,अमृत विचार। डॉ. भीमराव आंबेडकर पुलिस अकादमी में प्रशिक्षण पाने वाले प्रशिक्षुओं को अब मिग-21 से जुड़ी जानकारी दी जाएगी। अब तक प्रशिक्षुओं को द्वितीय विश्व युद्ध की शान रहे हरिकेन विमान के संबंध में जानकारी दी जाती थी। मिग विमान पुलिस अकादमी पहुंचने के बाद उसे पाठ्यक्रम में शामिल करने की कवायद पूरी हो …
मुरादाबाद,अमृत विचार। डॉ. भीमराव आंबेडकर पुलिस अकादमी में प्रशिक्षण पाने वाले प्रशिक्षुओं को अब मिग-21 से जुड़ी जानकारी दी जाएगी। अब तक प्रशिक्षुओं को द्वितीय विश्व युद्ध की शान रहे हरिकेन विमान के संबंध में जानकारी दी जाती थी। मिग विमान पुलिस अकादमी पहुंचने के बाद उसे पाठ्यक्रम में शामिल करने की कवायद पूरी हो गई है। जबकि हरिकेन विमान को वायु सेना के मुख्यालय भेजा जा चुका है।
दरअसल, द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान हरिकेन विमान इंग्लैंड की सेना का प्रमुख युद्धक विमान में गिना जाता था। इस युद्ध में विमान की सफलता के बाद इसको खरीदकर भारतीय वायुसेना में भी शामिल किया गया था। इसकी अधिकतम गति साढ़े पांच किमी. प्रति घंटा थी। 22 हजार फीट की उंचाई पर उड़ान भरने की क्षमता 480 किमी. थी। इसके अतिरिक्त ईंधन के साथ उड़ान क्षमता 1585 किमी. थी। मशीन गन से लैस यह विमान 227 किलो का बम भी ले जा सकता था।
यह विमान सिविल लाइंस क्षेत्र के चक्कर की मिलक में 1967 में आपात स्थिति में मुरादाबाद में उतारा गया था। जीर्णोद्धार के बाद विमान को पुलिस अकादमी में रखवा दिया गया था। इसके बाद इसे 23वीं वाहिनी पीएसी के सुपुर्द किया गया था। 21 दिसंबर 2006 को तत्कालीन एडीजी सीबी सत्पथी ने हरिकेन विमान का फिर से जीर्णोद्धार कराकर दोबारा पुलिस अकादमी की ऑफिसर्स मेस के पास रखवाया गया था।
दो साल पहले वायु सेना ने हरिकेन विमान मांगा था वापस
दो साल पहले वायु सेना के आला अधिकारियों ने हरिकेन विमान वापस मांगा था। उन्होंने इसके बदले मिग-21 सुपर सोनिक लड़ाकू जेट विमान देने की पेशकश की थी। पत्राचार के बाद शासन स्तर पर विमान के हस्तांतरण की प्रक्रिया शुरू हुई थी। काफी मशक्कत के बाद शासन से मंजूरी मिलने पर मिग-21 को अकादमी में भेजा गया था। हरिकेन को वायु सेना के म्यूजियम में भेजा गया है। इसके बाद हवा से हवा में मिसाइल मार गिराने जेट विमान मिग-21 के संबंध में प्रशिक्षुओं को जानकारी देने की कवायद शुरू हुई थी। अब अधिकारिक तौर पर इसे मंजूरी मिल गई है। अकादमी में कार्यरत अपर पुलिस अधीक्षक महेंद्र कुमार ने बताया कि प्रशिक्षण के साथ सभी को भारतीय सेना के गौरवशाली इतिहास के संबंध में भी जानकारी दी जाती है।
ये भी पढ़ें : OMG! मुरादाबाद में बिजली के मामलों में इतनी लापरवाही…
