मुरादाबाद : युवा कवियों ने रचनाओं से बांधा समां

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मुरादाबाद, अमृत विचार। अल्फाज संस्था ने सोमवार को एमडीए स्थित निजी रेस्टोरेंट में सातवां ओपन माइक कार्यक्रम किया। इसमें युवा कवियों व कवियत्रियों ने रचनाएं प्रस्तुत कीं। इस दौरान श्याम और मनीषा ने गायन के माध्यम से लोगों का मन मोह लिया। ईशान सक्सेना ने अपनी स्टैंडअप कॉमेडी से सभी खूब गुदगुदाया। साथ ही हुनर …

मुरादाबाद, अमृत विचार। अल्फाज संस्था ने सोमवार को एमडीए स्थित निजी रेस्टोरेंट में सातवां ओपन माइक कार्यक्रम किया। इसमें युवा कवियों व कवियत्रियों ने रचनाएं प्रस्तुत कीं। इस दौरान श्याम और मनीषा ने गायन के माध्यम से लोगों का मन मोह लिया।

ईशान सक्सेना ने अपनी स्टैंडअप कॉमेडी से सभी खूब गुदगुदाया। साथ ही हुनर दा बैंड और सोल ऑफ फॉर रॉक बैंड ने अपने सुरों से समां बांधा। संस्था की संस्थापिका अभिव्यक्ति सिन्हा ने बताया हमारी संस्था युवा कवियों को उनकी कला का प्रदर्शन करने के लिए मंच प्रदान कर रही है।

जहां सभी हुनर का प्रदर्शन कर सकते हैं। बताया कि राघव मुस्कान, आरती श्याम और मनीषा ने कार्यभार संभाला। मौके पर देवांशी, श्रीकांत, राशि, शिवानी, हर्ष, अंकित, वैशाली, अभय, गिरीश, श्रुति, सिद्धार्थ, मानसी, निशा, शोएब, मानव, साहिल, झलक, हर्षित आदि रहे।

घर-घर जाकर वोट निकालो, फिर मेरी कुर्सी संभालों…
मुरादाबाद। कला भारती साहित्य समागम की ओर से सोमवार को ऑनलाइन काव्य गोष्ठी हुई। इस अवसर पर साहित्यकारों ने रचनाएं प्रस्तुत कीं। कार्यक्रम का आरंभ राजीव प्रखर ने मां शारदे की वंदना से हुआ। मुख्य अतिथि डॉ. पूनम बंसल व विशिष्ट अतिथि डॉ. मनोज रस्तोगी और नवगीतकार योगेन्द्र वर्मा व्योम रहे।

इस दौरान राजीव प्रखर ने वसंत के स्वागत में कहा कि छेड़े सम्मुख माघ के, कोकिल मीठी तान। सरसों भी कुछ कम नहीं, फेंक रही मुस्कान। प्रश्न पुराना कर रही, झोपड़पट्टी आज। आते मुझ तक क्यों नहीं, आकर भी ऋतुराज। वहीं आवरण अग्रवाल श्रेष्ठ ने कहा कि देश जला है जलने दो, रोग पला है पलने दो, हम रोगों को पालेंगे
देश जला हम डालेंगे। शुभम कश्यप ने कहा-आपस में नफ़रतें है फजा में तनाव है। फिर से हमारे मुल्क में आया चुनाव है। घर-घर जाकर वोट निकालो, फिर मेरी कुर्सी संभालो मैं विधायक बन जाऊंगा…। तुम बनोगे मेरे घर के ढोर। डॉ. रीता सिंह ने कहा नील गगन मे छायी लाली, ठंडी हवा चली मतवाली, समय सुनहरा बीत न जाये, उठ जाओ अब मेरी लाली।

डॉ. ममता सिंह ने कहा कि सुने दिल की धड़कन, वो नजदीक आकर, मिली हम को ऐसी भी किस्मत कहां है। करे प्यार कोई दिलो जां लुटा कर, ज़माने में मिलती वो दौलत कहां है। कार्यक्रम का संचालन अशोक विश्नोई ने किया।
इस मौके पर हेमा तिवारी भट्ट, ईशांत शर्मा ईशु, मनोज वर्मा मनोज, कादंबिनी वर्मा, डॉ. अर्चना गुप्ता, शशि त्यागी, संजीव आकांक्षी, निवेदिता सक्सेना, डॉ. प्रेमवती उपाध्याय आदि लोग उपस्थित रहे।

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