मुरादाबाद : किसी ने नहीं सुनी, एनएच 24 हो गया जर्जर
मुरादाबाद/अमृत विचार। चुनावी वर्ष में शहर की सड़कों के कायाकल्प का बेड़ागर्क हो गया। अधिक वर्षा और वाहनों के दबाव में एनएच-24 पाकबड़ा के (जीरो प्वाइंट) से नया बस अड्डा (कटघर) तक की सड़क का बुरा हाल हो गया है। इसके निर्माण का प्रस्ताव शासन में लंबित है। जबकि, क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों ने इसके निर्माण और …
मुरादाबाद/अमृत विचार। चुनावी वर्ष में शहर की सड़कों के कायाकल्प का बेड़ागर्क हो गया। अधिक वर्षा और वाहनों के दबाव में एनएच-24 पाकबड़ा के (जीरो प्वाइंट) से नया बस अड्डा (कटघर) तक की सड़क का बुरा हाल हो गया है। इसके निर्माण का प्रस्ताव शासन में लंबित है। जबकि, क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों ने इसके निर्माण और विस्तार के प्रस्ताव को लेकर कई दावे किए थे।
मंत्री स्तर से धन आवंटित कराने का ऐलान किया था। आश्चर्य तो यह कि इस सड़क की मरम्मत का प्रस्ताव शासन के ठंडे बस्ते में पड़ा हुआ है। पाकबड़ा से नया बस अड्डा कटघर की दूरी 10.55 किलोमीटर है। यह सड़क शहर की लाइफ लाइन है। यानी कि दिल्ली दिशा से शहर में प्रवेश और लखनऊ की ओर निकलने के लिए यही प्रमुख सड़क है। लोको शेड पुल, फव्वरा तिराहा, रेलवे स्टेशन, मुरादाबाद बस डिपो से होते हुए कटघर तक भारी ट्रैफिक रहता है।
उधर, अक्टूबर 2021 में इस सड़क की मियाद पूरी हो गई। लोक निर्माण विभाग ऐसी सड़कों का चार साल के बाद का पुनर्निर्माण करता है, इसके लिए करीब 12 करोड़ रुपये का खर्च प्रस्तावित है। लोक निर्माण विभाग ने इस प्रस्ताव को बीते साल शासन को भेज दिया। लेकिन, वहां से इस कार्य के लिए फूटी कौड़ी भी जारी नहीं हो पाई। यह सड़क राष्ट्रीय राजमार्ग के अन्तर्गत आती है। लोगों ने प्रदेश सरकार के मंत्री भूपेंद्र सिंह चौधरी, शहर विधायक रितेश गुप्ता सहित अन्य जनप्रतिनिधियों के संज्ञान में दिया था।
मंडलायुक्त तक सड़क की बदहाली का मुद्दा उठा था। निर्यातकों की मांग का जिला प्रशासन ने संज्ञान लिया था। आयुक्त के निर्देश पर सड़क चौड़ीकरण पुनर्निर्माण का प्रस्ताव तैयार हुआ। लेकिन, इस मद में एक भी रुपया अवमुक्त नहीं हो सका। पार्कर इंटरमीडिएट कालेज और कपूर कंपनी के बीच सड़क की दोनों पटरियां पूरी तरह उखड़ चुकी हैं। इंपीरियल तिराहा के आगे मुख्य सड़क पर बेरिकेडिंग रखी गई है। मुरादाबाद डिपो के सामने गड्ढों की भरमार है।
बरसात की वजह से सड़क टूट गयी है। चार माह पहले भी पैच वर्क कराया गया था। इसके निर्माण के लिए 1197.85 लाख रुपये की जरूरत होगी। इसका प्रस्ताव शासन में लंबित है। जब तक धनराशि आवंटित नहीं होगी, तब तक यह कार्य नहीं हो सकता है, 10 दिन के भीतर एक बार टूटी सड़क की मरम्मत का प्रयास किया जाएगा। -प्रदीप कुमार, प्रोजेक्ट प्रबंधक (लोनिवि)
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