अयोध्या: इलेक्शन कंट्रोल रूम में पूरे दिन बजती रही घंटी, मतदाता सूची में नाम नहीं होने से परेशान रहे लोग

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Edited By Amrit Vichar
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अयोध्या। हेलो सर, कंट्रोल रूम से बोल रहे हैं… मै राजितराम बोल रहा हूं, अयोध्या आदर्श इंटर कॉलेज बूथ से। साहब, मतदाता सूची में मेरा नाम नहीं है, वोट कैसे डालूं, मुझे वोट देना है, मदद कीजिए। इलेक्शन कंट्रोल रूम का नम्बर बा ई हो, हां हां बताएं, काव बताई, मतदाता सूची मां नमवय नाय …

अयोध्या। हेलो सर, कंट्रोल रूम से बोल रहे हैं… मै राजितराम बोल रहा हूं, अयोध्या आदर्श इंटर कॉलेज बूथ से। साहब, मतदाता सूची में मेरा नाम नहीं है, वोट कैसे डालूं, मुझे वोट देना है, मदद कीजिए। इलेक्शन कंट्रोल रूम का नम्बर बा ई हो, हां हां बताएं, काव बताई, मतदाता सूची मां नमवय नाय बा वोट कईसन देई, जुगाड़ करा कछु।

पांचवें चरण के मतदान में रविवार को यहां जिला कलेक्ट्रेट में बने इलेक्शन कंट्रोल रूम में शिकायतों को लेकर पल-पल पर फोन की घंटी घनघनाती रही। सुबह आठ बजे से लेकर शाम पांच बजे तक इलेक्शन कंट्रोल रूम में तैनात आपरेटरों को सांस लेने की फुर्सत नहीं मिली। कहीं से मतदाता सूची में नाम गायब होने तो कहीं से पर्ची के बाद भी वोट न डालने देने की शिकायतों की बौछार होती रही।

कंट्रोल रूम में मतदान के प्रारम्भिक चरण में एक बजे तक मतदाता सूची में नाम न होने की हजार से ऊपर शिकायतें आ चुकी थीं। इन शिकायतों को आपरेटर संबधित सेक्टर और जोनल मजिस्ट्रेट को रेफर करते रहे। यही नहीं पांचों विधानसभा क्षेत्र में से गोसाईगंज से झड़प और गड़बड़ी की शिकायतें भी कंट्रोल रूम तक पहुंची। दोपहर करीब 11 बजे डीएम एएसपी खुद कंट्रोल रूम पहुंचे और व्यवस्था का जायजा लिया।

जिला निर्वाचन अधिकारी डीएम नितिश कुमार ने निर्देशित किया कि लोगों की हर संभव मदद की जाए। अयोध्या विधानसभा क्षेत्र के फैजाबाद नगर में अंगूरीबाग मतदान केंद्र के बाहर अशोक कुमार मतदाता सूची में नाम नहीं मिला तो उन्होंने कंट्रोल रूम फोन घुमा दिया। करीब एक घंटे तक वे मतदान को लेकर परेशान रहे। कोई निदान न होने पर जिम्मेदारों को कोसते हुए वापस लौट गए।

इसी तरह रूदौली और बीकापुर विधानसभा क्षेत्रों से भी इलेक्शन कंट्रोल रूम में शिकायतों की भरमार रही। मिल्कीपुर विधानसभा क्षेत्र से भी डेढ़ दर्जन से अधिक शिकायतें आईं। दोपहर दो बजे के बाद शिकायतों में थोड़ी कमी आई, लेकिन चार से पांच बजे तक फिर शिकायतों का दौर शुरू हो गया।

उप जिला निर्वाचन अधिकारी एडीएम प्रशासन अमित सिंह ने बताया कि दस से अधिक आपरेटर शिकायत सुनने के लिए लगाए गए। उन्होंने बताया कि हर संभव प्रयास किया गया कि अधिकतर शिकायतों का निराकरण हो जाए इसके लिए सूचनाएं सेक्टर और जोनल मजिस्ट्रेट को रेफर की जाती रही।

लाइव वेबकास्टिंग पर टिकी रहीं निगाहें

जिला कलेक्ट्रेट में बनाए गए कंट्रोल रूम में मतदान केंद्रों की वेबकास्टिंग भी होती रही। इसके लिए कंट्रोल रूम में टीवी स्क्रीन लगाए गए थे जहां तैनात अधिकारी लगातार लाइव वोटिंग पर निगाहें जमाए रहे। कंट्रोल रूम में वेबकास्टिंग सीधे चुनाव आयोग से भी जुड़ी रही।

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