मुरादाबाद : रूस के आर्डर को लेकर निर्यातकों की बढ़ी चिंता, प्रभावित हो सकता है कारोबार

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Edited By Amrit Vichar
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मुरादाबाद, अमृत विचार। रूस और यूक्रेन के बीच जंग का सीधा असर मुरादाबाद के पीतल कारोबार पर देखा जा रहा है। रूस से आर्डर तो काफी मिले हैं। माल भी तैयार है, लेकिन ताजा माहौल में इस माल के निर्यात को लेकर दुविधा की स्थिति है। ऐसे हालात में निर्यातकों की चिंता बढ़ गई है। …

मुरादाबाद, अमृत विचार। रूस और यूक्रेन के बीच जंग का सीधा असर मुरादाबाद के पीतल कारोबार पर देखा जा रहा है। रूस से आर्डर तो काफी मिले हैं। माल भी तैयार है, लेकिन ताजा माहौल में इस माल के निर्यात को लेकर दुविधा की स्थिति है। ऐसे हालात में निर्यातकों की चिंता बढ़ गई है। आशंका है कि यही माहौल रहा तो उनका कारोबार बुरी तरह से प्रभावित हो सकता है।

गौरतलब है कि महानगर की फैक्ट्रियों में बने पीतल के उत्पाद देश दुनिया के ग्राहकों को काफी आकर्षित करते हैं। इनमें रूसी ग्राहक भी शामिल हैं। वर्ष 1991 तक खासतौर से काले रंग से रंगे हुए पीतल के फूल दान रूसी ग्राहकों को हर साल यहां खींच लाते था। हालांकि अब ये फूलदान चलन से बाहर हो चुके हैं। बावजूद इसके कोरोना काल के पहले तक एक हजार करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार रूस से होता था। इन दिनों में भी 50 करोड़ से अधिक का कारोबार हो रहा है। मौजूदा वक्त में रूस से 30 करोड़ से अधिक के आर्डर मिले हुए हैं। उद्यमियों को आशंका है कि युद्ध की स्थिति जारी रहती है तो इस आर्डर के सापेक्ष निर्यात नहीं हो सकेगा और इसका नुकसान स्थानीय निर्यातकों को भुगतना पड़ सकता है।

तीन दर्जन से अधिक निर्यातक करते है रूस से कारोबार
मौजूदा दौरा में महानगर के 30 से 40 निर्यातक रूस से कारोबार करते हैं। इनके यहां रूसी ग्राहकों के लिए आर्डर तैयार किया जा रहा है। यह कारोबार 50 करोड़ से अधिक का है। निर्यातकों की माने तो लड़ाई जारी रहने की स्थिति में दुश्वारियां और बढ़ जाएंगी। ऐसे में कारोबार कर पाना भी चुनौती भरा होगा। इस जंग का असर फेयर पर भी देखने को मिल सकता है।

महानगर से 30 से 40 निर्यातक रूस के साथ कारोबार करते हैं। इस लड़ाई के चलते 50 करोड़ से अधिक का कारोबार प्रभावित हो सकता है। फिलहाल निर्यातक भी हालात पर नजर बनाए हैं। आने वाले दिनों में फेयर पर भी लड़ाई का असर दिखाई दे सकता है।-नावेद उर रहमान, अध्यक्ष, मुरादाबाद हैंडिक्राफ्टस एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन

पहले रूस से महानगर को हर साल एक हजार करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार मिलता है। लेकिन अब बहुत कम आर्डर मिल रहा है। इस लड़ाई के कारण रूस में निर्यात करने वाले निर्यातकों के कारोबार पर फर्क पड़ा है। अगर लड़ाई जारी रही तो कच्चे सामान में तेजी आएगी और कारोबार कम होगा।-सतपाल, सचिव, दी हैंडिक्राफ्ट एक्सपोर्ट एसोसिएशन

युद्ध के बाद पीतल कारोबार भी प्रभावित
मुरादाबाद । यूक्रेन और रूस के विवाद का असर महानगर के पीतल कारोबार पर देखने को मिल रहा है। अब कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती जा रही है, जिससे पीतल और स्टील के कच्चे सामान के दामों पर दो से तीन प्रतिशत की तेजी आई है। महानगर पूरे विश्व में पीतल नगरी के नाम से मशूहर है। यहां बने उत्पाद विदेशी ग्राहकों अपनी ओर आकर्षित करते हैं, लेकिन यूक्रेन और रूस की लड़ाई ने कारोबार की रफ्तार धीमी कर दी है। लगातार कच्चे सामान पर बढ़ रहे दाम निर्यातकों के लिए चुनौती बनते जा रहे हैं, क्योंकि निर्यातक आज के दामों में विदेशी ग्राहकों से अपनी सौदा करते हैं। जबकि अगले दिन दाम अलग हो जाते हैं। इससे कारोबार और ग्राहक पर असर पड़ता है। फिलहाल कच्चे तेल के दाम बढ़ने शुरू हुए हैं। अगर, लड़ाई जारी रही तो तेल के दामों में उछाल आता रहेगा। इससे कच्चे सामान के दामों में भी 10 प्रतिशत तक की तेजी आने की आशंका है। हालांकि निर्यातकों की मानें तो पिछले दिनों से 550 और स्टील 140 रुपये प्रति किलो चल रहा था। इन सभी उत्पादों के दामों पर दो से तीन प्रतिशत की तेजी आई है। पैकिंग के सामान के दामों में भी बढ़ोतरी हुई, लेकिन आने वाले दिनों में ऑर्डर पर भी फर्क दिखने लगेगा। कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने से पीतल और स्टील के कच्चे सामान के दाम उछल गए हैं।

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