भाजपा को नहीं मिली जीत तो जिला व मंडल कमेटी पर गाज गिरनी तय, अयोध्या की चार सीटों पर है सपा से टक्कर
अयोध्या। पांचवें चरण तक का विधानसभा चुनाव निपट जाने के बाद भी कोई भी पार्टी जीत के प्रति आश्वस्त नहीं दिख रही है। खास तौर पर चौथे और पांचवें चरण में होने वाले मतदान में भाजपा की सीटें दांव पर लगी हैं। कुछ सीटों को छोड़ दें तो हर जगह भाजपा की टक्कर सपा से …
अयोध्या। पांचवें चरण तक का विधानसभा चुनाव निपट जाने के बाद भी कोई भी पार्टी जीत के प्रति आश्वस्त नहीं दिख रही है। खास तौर पर चौथे और पांचवें चरण में होने वाले मतदान में भाजपा की सीटें दांव पर लगी हैं। कुछ सीटों को छोड़ दें तो हर जगह भाजपा की टक्कर सपा से ही है। अयोध्या जनपद की चार सीटों पर भी यही हाल है। 10 मार्च को प्रस्तावित मतगणना के नतीजों में अगर भाजपा कहीं भी लूज हुई तो उसका खामियाजा वहां के जिला और मंडल कमेटी के जिम्मेदारों को भुगतना होगा।
सूत्रों के मुताबिक चुनाव के पहले दिए गए लक्ष्य में सफल कार्यकर्ताओं को तोहफा तो असफल पर उन्हें महत्वपूर्ण पदों से हटा दूसरी जगह शिफ्ट किए जाने की बात कही गई थी। प्रदेश नेतृत्व ने जिला और मंडल स्तर पर चुनाव नतीजों पर समीक्षा करने का फार्मूला तैयार किया है। भाजपा का प्रदेश नेतृत्व चुनाव के पहले और मतदान तक हर विधानसभा क्षेत्र में अपनी टीम को सक्रिय कर दिया था।
इस टीम ने भी पहले संगठन की रिपोर्ट दे दी है। इस रिपोर्ट के हिसाब से परिणाम आए तो रिपोर्ट के आधार पर जिला, मंडल कमेटियों के पदाधिकारियों का कद तय होगा। इसके विपरीत नतीजे आते हैं तो प्रदेश नेतृत्व अपने स्तर से आकलन करके जिम्मेदारों का कद तय करेगा। क्षेत्रीय कमेटी की कार्यशैली का भी आकलन किया जाएगा।
एक कोई सेट फार्मूला नहीं बना है, लेकिन यदि नतीजे विपरीत आते हैं तो परिवर्तन पर विचार होगा। यह संगठन की एक रूटीन प्रक्रिया होती है। दावा है कि अवध क्षेत्र की सीटों पर भाजपा प्रत्याशी शतप्रतिशत विजयी होगें और पुन: भाजपा की सरकार बनेगी…शेष नारायण मिश्र, क्षेत्रीय अध्यक्ष, अवध क्षेत्र।
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