आगरा: छह दिन से खारकीव में फंसी है जिले की बेटी, 28 छात्र पहुंचे सुरक्षित जगह
आगरा। यूक्रेन-रूस संकट के बीच में फंसे यूपी की ताजनगरी के 29 छात्रों में से 28 बच्चें सुरक्षित जगह पर पहुंच गए हैं। लेकिन शहर की अंजलि छह दिन से खारकीव शहर में फंसी है। बाकी 28 छात्रों ने यूक्रेन के नजदीक देशों का बॉर्डर पार कर लिया है। सभी ने हंगरी, पौलेंड, रोमानिया, स्लोवाकिया …
आगरा। यूक्रेन-रूस संकट के बीच में फंसे यूपी की ताजनगरी के 29 छात्रों में से 28 बच्चें सुरक्षित जगह पर पहुंच गए हैं। लेकिन शहर की अंजलि छह दिन से खारकीव शहर में फंसी है। बाकी 28 छात्रों ने यूक्रेन के नजदीक देशों का बॉर्डर पार कर लिया है। सभी ने हंगरी, पौलेंड, रोमानिया, स्लोवाकिया देशों में शरण लिया है। इनके साथ 10 छात्र-छात्राएं सही सलामत घर वापस आ गए हैं।
खारकीव में लगातार हमले हो रहे हैं। जहां सिकंदरा निवासी अंजलि पचौरी और शमसाबाद रोड निवासी भव्या चौहान छह दिन से फंसी हुई हैं। छात्रा अंजलि के पिता बृज गोपाल ने जानकारी दी कि बेटी खारकीव से निकलने के लिए ट्रेन नहीं पकड़ पाई है। वहीं भव्या के पिता डॉ. डीएस चौहान के अनुसार उनकी बेटी को खारकीव से निकलने के लिए ट्रेन मिल गई है। इनके साथ कीव में फंसे पांचों छात्रों निकल आए हैं।
आगरा के डीएम प्रभु एन सिंह ने बताया कि यूक्रेन में फंसे जिले के 28 छात्र सुरक्षित स्थान पर पहुंच गए हैं। खारकीव में फंसी अंजलि के परिजनों से एसडीएम ने मुलाकात की है। यूपी के लिए एयरपोर्ट पर अलग हेल्प डेस्क बनी है। छात्रों की वापसी शुरू हो गई है।
आगरा के 39 छात्रों के यूक्रेन में फंसे होने की जानकारी जिला प्रशासन को मिली है। जिनमें 8 छात्र बुधवार तक लौट आए हैं। अलबतिया निवासी रजत सिनसिनवार सुबह आगरा आ गए। रात आठ बजे की फ्लाइट से शमसाबाद रोड निवासी भव्या चौहान भी पौलेंड से दिल्ली पहुंच गई हैं। अंजलि ही केवल खारकीव में फंसी है। भारतीय दूतावास ने खारकीव को लेकर एडवायजरी जारी की। जिसमें उन्होंने वहां फंसे भारतीयों को तुरंत शहर छोड़ने के लिए कहा है।
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