यूपी चुनाव 2022: अब 10 मार्च को पता चली, ईवीएम में का बा..

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

बलिया। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में अब तक 6 चरण की चुनाव हो चुका है। सात मार्च को सातवें चरण के मतदान होना है। चुनाव जीतने के लिए प्रत्याशियों ने खूब दम दिखाया। प्रत्येक बूथ पर मजबूत किलेबंदी की। तीन मार्च को उनकी किस्मत इलेक्ट्रानिक वोटिग मशीन (ईवीएम) में कैद हो गई। करीब 2828 पोलिग …

बलिया। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में अब तक 6 चरण की चुनाव हो चुका है। सात मार्च को सातवें चरण के मतदान होना है। चुनाव जीतने के लिए प्रत्याशियों ने खूब दम दिखाया। प्रत्येक बूथ पर मजबूत किलेबंदी की। तीन मार्च को उनकी किस्मत इलेक्ट्रानिक वोटिग मशीन (ईवीएम) में कैद हो गई।

करीब 2828 पोलिग बूथों पर कराए गए मतदान के बाद मशीनें स्ट्रांग रूम में कड़ी सुरक्षा के बीच रखी गई हैं। अब 10 मार्च को मतगणना होगी, उसी दिन पता चलेगा कि किसकी जीत होगी और किसकी हार..। लेकिन शुक्रवार को शहर और गांवों में यही चर्चा रही कि किसकी सरकार बनेगी। उनके क्षेत्र का विधायक कौन होगा।

रसड़ा विधानसभा के गड़वार-नगरा मार्ग के रामपुर असली गांव में सुबह 11.04 बजे सड़क के किनारे चाय की दुकान पर 12 से 13 बुजुर्ग लोगों की चर्चा चल रही थी। उनके हाथ में अखबार था। कोई इलाके की तैयार अच्छी सड़कें गिना रहा था तो कोई बेसहारा पशुओं के मुद्दे उठा रहा था। चाय की चुस्कियों के साथ चुनावी चर्चा पूरे रंग में दिखी। वह अपने-अपने गांवों में जाति वार वोट गिना रहे थे।

महेंद्र यादव ने कहा कि किसान सम्मान निधि से मिलल रुपये कैसे भूला जा सकता है। दो-दो हजार उनके खाते में आए हैं। श्याम सुंदर बोले कि देख लीजिएगा, सरकार उसी की बनेगी जिसने विकास कार्य कराया है। उसी बीच तपाक से महेंद्र बोल कि युवाओं की बेरोजगारी भी मुद्दा है। दूसरी सरकारों ने इस ओर ध्यान क्यों नहीं दिया, इस बीच राम सजीवन बोले कि जवन स्थिति हौ, अब 10 मार्च का पता चली कि ईवीएम में का बा ..।

यह भी पढ़ें:-अल्मोड़ा: पालिका के कर्मचारियों को तीन महीने से नहीं मिला वेतन

संबंधित समाचार