मुरादाबाद : मंदिर में तोड़ फोड़, मूर्तियां खंडित कीं
मुरादाबाद/ठाकुरद्वारा, अमृत विचार। गांव तरफ दलपतपुर में नदी किनारे बने प्राचीन गुदड बाबा मंदिर में बीती रात अराजक तत्वों ने भगवान शिव, गणेश व शनिदेव की मूर्तियां तोड़कर खंडित कर दी। सुबह मंदिर के पुजारी परिसर की सफाई कर रहे थे तो घटना की जानकारी हुई। इसकी सूचना उन्होंने ग्रामीणों को दी। सूचना मिलते ही …
मुरादाबाद/ठाकुरद्वारा, अमृत विचार। गांव तरफ दलपतपुर में नदी किनारे बने प्राचीन गुदड बाबा मंदिर में बीती रात अराजक तत्वों ने भगवान शिव, गणेश व शनिदेव की मूर्तियां तोड़कर खंडित कर दी। सुबह मंदिर के पुजारी परिसर की सफाई कर रहे थे तो घटना की जानकारी हुई। इसकी सूचना उन्होंने ग्रामीणों को दी। सूचना मिलते ही ग्रामीण भारी भीड़ मंदिर परिसर में जमा हो गई। सूचना पुलिस को दी तो हड़कंप मच गया और इंस्पेक्टर मय फोर्स के मौके पर पहुंचे और घटना की जानकारी ली। ग्रामीणों के रोष को देखते हुए मौके पर पुलिस बल तैनात किया है।
मंदिर के पुजारी बाबा जयपाल पुजारी ने बताया कि सवेरे चार बजे वह मंदिर की सफाई करने आए थे। देखा कि जगह-जगह लग लगे बल्ब टूटे पड़े हैं। रोशनी करके देखा तो मंदिर की शिव, शनि व गणेशजी की मूर्तियां टूटी पड़ी हैं। उन्होंने ग्रामीणों को सूचना दी तो भारी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे। सूचना मिलने पर पुलिस भी आ गई। ग्रामीणों ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए आक्रोश दिखाया। ग्रामीणों को कोतवाल ने समझाकर शांत किया।
ग्रामीणों ने बताया कि मंदिर परिसर में लगे दो हैंडपंप एक इनवर्टर, मंदिर का कलश, लाउडस्पीकर भी कई बार चोरी हो चुके हैं। शिकायत करने के बावजूद भी आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई I बताया कि मंदिर में लगी बजरंगबली मूर्ति को भी तोड़ने का प्रयास किया, लेकिन मूर्ति का बाल बांका नहीं कर सकेI पुलिस प्रशासन ने आनन-फानन में भगवान शिव ,गणेश व शनि देव की मूर्तियां वाहन में रखवाकर राम नंदा नदी में विधि विधान से विसर्जित करवा दी। ग्रामीणों में आक्रोश को देखते हुए पुलिस बल तैनात किया गया है। कोतवाली प्रभारी मोहित चौधरी ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी है। आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर घटना का खुलासा किया जाएगा।
11 वर्ष पूर्व भी मंदिर की मूर्तियां कर दी थी खंडित
गांव तरफ दलपतपुर के पूर्व प्रधान मनोहरी सिंह, अमर सिंह, सुखबीर सिंह, पंकज कुमार, योगेश कुमार, नेतराम सिंह, मोतीराम व अजय कुमार सैनी आदि ने बताया कि करीब 11 वर्ष पूर्व भी अराजक तत्वों ने मंदिर परिसर में लगी मूर्तियों को तोड़कर खंडित किया था I उस समय ग्रामीणों ने हंगामा करते हुए अराजक तत्वों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर जाम लगाया था। अधिकारियों ने खंडित मूर्तियों के स्थान पर दूसरी मूर्ति लगवाने का आश्वासन दिया था, लेकिन वह आश्वासन झूठा निकला। बाद में ग्रामीणों ने ही अपने से सहयोग से पुनः मूर्तियां स्थापित कराई।
