मुरादाबाद : रस्सी से गला घोंटकर हुई थी बुजुर्ग दंपत्ति की हत्या

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मुरादाबाद, अमृत विचार। छजलैट थानांतर्गत गांव मथाना में बुजुर्ग दंपत्ति की हत्या रस्सी से गला घोंटकर की गई थी। इसके अलावा दोनों के शरीर पर कहीं और चोट या संघर्ष के कोई निशान नहीं मिले हैं। शनिवार को पुलिस ने पोस्टमार्टम कराने के बाद शव अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिए हैं। मौका …

मुरादाबाद, अमृत विचार। छजलैट थानांतर्गत गांव मथाना में बुजुर्ग दंपत्ति की हत्या रस्सी से गला घोंटकर की गई थी। इसके अलावा दोनों के शरीर पर कहीं और चोट या संघर्ष के कोई निशान नहीं मिले हैं। शनिवार को पुलिस ने पोस्टमार्टम कराने के बाद शव अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिए हैं। मौका स्थिति और पोस्टमार्टम की रिपोर्ट को देखकर आशंका जताई जा रह है कि किसी परिचित ने ही इस वारदात को अंजाम दिया है। फिलहाल पुलिस मौके पर मिले साक्ष्य और परिजनों के बयान के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है।

गौरतलब है कि मथाना गांव में रहने वाले किसान खानचंद (66) और उनकी पत्नी बबली (65) शुक्रवार को पशुओं के लिए चारा लेने खेतों पर गए थे। देर शाम दोनों के शव गन्ने के खेत में पड़े मिले। दंपत्ति के शव मिलने की सूचना मिलते ही हड़कंप मच गया। आनन फानन में पुलिस को सूचना दी गई। इस सूचना के बाद एसपी देहात विद्यासागर मिश्रा के साथ एसएसपी बबलू कुमार खुद मौके पर पहुंचे और मौका मुआयना किया। इस दौरान सीओ कांठ ने फारेंसिक टीमों की मदद से घटना स्थल पर मौजूद साक्ष्य इकट्ठा कराया। हालांकि उस समय स्थिति साफ नहीं हो पाई। मौत का कारण जानने के लिए शनिवार को दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराया गया है। वहीं देर शाम पुलिस की मौजूदगी में दंपत्ति का अंतिम संस्कार कराया गया।

पैनल से कराया पोस्टमार्टम
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी बबलू कुमार ने शुक्रवार की रात ही दोनों शवों का पोस्टमार्टम पैनल से कराने और वीडियोग्राफी कराने के निर्देश दिए थे। इसके बाद शनिवार को दो डाक्टरों डॉ. एसएस कक्कड़ और डा. आरपी मिश्रा का पैनल बना कर पोस्टमार्टम कराया गया। इस दौरान वीडियोग्राफी भी कराई गई है। पोस्टमार्टम में पाया गया है कि दंपत्ति की मौत रस्सी से गला घोंटने की वजह से हुई है। इसके अलावा शरीर पर संघर्ष या चोट के कोई अन्य निशान नहीं हैं।

भरा पूरा है परिवार
किसान खानचंद के परिवार में दो बेटे और दो बेटियां हैं। चारों की शादी हो चुकी है। वर्तमान में खानचंद और उनकी पत्नी बबली छोटे बेटे जयपाल के साथ रहते थे। बड़े बेटे से उनकी बोलचाल कुछ समय से बंद थी। बड़ा बेटा अपने परिवार के साथ अलग मकान में रहता है। जयपाल ने बताया था कि वह मुरादाबाद स्थित एक निजी स्कूल में सुरक्षा गार्ड की नौकरी करता है। उसने बताया कि शुक्रवार की सुबह करीब साढ़े आठ बजे उसके माता-पिता रोजाना की भांति बैलगाड़ी लेकर पशुओं के लिए चारा लेने के लिए गन्ने के खेत पर गए थे। वह दोपहर में घर आ जाते थे, लेकिन जब शाम तक भी वह घर नहीं लौटे तो पत्नी ने फोन करके उसे सूचना दी। ड्यूटी पूरी करने के बाद वह घर पहुंच गया और फिर माता-पिता की तलाश में खेत पर चला गया। बैलगाड़ी गन्ने के खेत के पास खड़ी थी और दोनों बैल उसी से बंधे थे। माता-पिता कहीं दिखाई नहीं दिए तो वह खेत के अंदर चला गया। अंदर का दृश्य देख उसकी चीख निकल गई। गन्ने के खेत में उसके माता-पिता के शव पड़े थे।

किसान की जेब में मिली नगदी
पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे जयपाल ने किसी से रंजिश की बात से साफ इनकार किया है। उसने बताया कि बैंक में जमा करने के लिए उन्होंने पिता को सात हजार रुपये दिए थे। यह रकम उनकी जेब में ज्यों की त्यों रखी थी। पुलिस के मुताबिक इससे साफ तौर पर जाहिर होता है कि दंपति की हत्या लूटपाट के लिए नहीं की गई है।

गांव में एक साथ दो शव देखकर मचा कोहराम
एक साथ एक ही परिवार के दो शव गांव में पहुंचने से कोहराम मच गया। स्थिति यहां तक आ गई कि शव को देखकर परिजन ही नहीं गांव के लोगों की आंखें भी नम हो गईं। वहीं सूचना मिलने पर दंपति के घर आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। इस दोहरे हत्याकांड को लेकर गांव में तरह तरह की चर्चाओं का बाजार गर्म रहा।

पोस्टमार्टम में दंपति की हत्या गला घोंटकर किए जाने की पुष्टि हुई है। पुलिस हर बिंदु को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। जल्द ही हत्यारों को गिरफ्तार करके घटना का खुलासा कर दिया जाएगा।-महेश चंद गौतम, सीओ कांठ

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