बरेली: पांच हजार से ज्यादा लोग शौचालयों का नहीं कर रहे प्रयोग
बरेली,अमृत विचार। खुले में शौच मुक्त घोषित हो चुके जनपद में कुछ लोग आज भी जागरूकता के अभाव में शौचालय का उपयोग नहीं कर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2 अक्टूबर 2014 को स्वच्छ भारत मिशन लागू किया। इसके तहत जनपद व गांव को खुले में शौच मुक्त बनाने की पहल शुरू की गई। …
बरेली,अमृत विचार। खुले में शौच मुक्त घोषित हो चुके जनपद में कुछ लोग आज भी जागरूकता के अभाव में शौचालय का उपयोग नहीं कर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2 अक्टूबर 2014 को स्वच्छ भारत मिशन लागू किया। इसके तहत जनपद व गांव को खुले में शौच मुक्त बनाने की पहल शुरू की गई।
शौचालयों के निर्माण में अरबों रुपये खर्च हुए हैं। जांच कराए जाने पर पता चला है कि जिले में करीब पांच हजार से लोग अभी खुले में शौच जा रहे हैं। जिला पंचायती राज विभाग की ओर से चयनित लाभार्थी को शौचालय बनाने के लिए 12 हजार की धनराशि दी गई। ग्रामीण क्षेत्र में शौचालय बनवाने की जिम्मेदारी पंचायतीराज विभाग ने प्रधान व सचिव को दी थी। शौचालय बनाए गए हैं।
कुछ शौचालय निर्माण में जिम्मेदारों मानक की अनदेखी भी की। इसकी वजह से 20 फीसद शौचालय अधूरे हैं। यही नहीं जागरूकता के अभाव में ग्रामीण क्षेत्र में निवास करने वाले करीब पांच हजार लोग अभी शौचालय का उपयोग नहीं करते हैं। ग्रामीणों की ओर से कुछ लाभार्थियों द्वारा शौचालय का प्रयोग न किए जाने की शिकायत की गई तो डीपीआरओ ने जांच कराई।
इसमें करीब 524 पंचायतों के पंचायत सचिव व प्रधान ने शौचालय का प्रयोग न करने वालों की सूची डीपीआरओ कार्यालय में उपलब्ध कराई है। डीपीआरओ धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि जो लाभार्थी शौचालय का प्रयोग नहीं कर रहे हैं, उन्हें नोटिस जारी किया जाएगा और रिकवरी कराई जाएगी।
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