आगरा: 22 खाताधारकों के सुकन्या समृद्धि योजना की रकम डाकपाल ने की हजम, मुकदमा दर्ज
आगरा। डाकघर में खाता खुलवाकर अभिभावकों ने बेटी के खाते में रकम जमा करा दी। 22 खाताधारकों की रकम लेकर उसने पासबुक में तो एंट्री कर दी, लेकिन खजाने में रकम जमा नहीं की मगर, डाकघर का डाकपाल ने यह रकम हड़प ली। सिकंदरा थाने में उसके खिलाफ गबन की धारा में मुकदमा दर्ज किया …
आगरा। डाकघर में खाता खुलवाकर अभिभावकों ने बेटी के खाते में रकम जमा करा दी। 22 खाताधारकों की रकम लेकर उसने पासबुक में तो एंट्री कर दी, लेकिन खजाने में रकम जमा नहीं की मगर, डाकघर का डाकपाल ने यह रकम हड़प ली। सिकंदरा थाने में उसके खिलाफ गबन की धारा में मुकदमा दर्ज किया गया है। जिसके बाद भी तीन वर्ष से उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई थी।
सिकंदरा थाने में निरीक्षक डाकघर पूर्वी उपमंडल गौरव गौतम ने तहरीर दी थी। उन्होंने अपनी तहरीर में लिखा है कि 1 मार्च 2017 को विनोद कुमार ने यह शिकायत की थी। शिकायत में बताया था कि डाकपाल नारायण सिंह उनके पास आया। पैर में चोट लगने के बहाने तीन-चार दिन की छुट्टी लेकर वह डाकघर से चला गया। और चार्ज उनके हैंड ओवर करके चला गया। इसके बाद वह वापस डाकघर आज तक लौटकर नहीं आया है।
छानबीन में पता चला कि सुकन्या समृद्धि योजना के तहत खोले गए 22 खातों की रकम हड़पकर वह भागा है। ग्राहकों ने रकम जमा कराई थी। पासबुक में रकम जमा करने की एंट्री की गई। जो रकम जमा हुई वह डाकखाने में जमा करने के बजाए तत्कालीन डाकपाल नारायण सिंह ने अपने पास रख ली। तहरीर में यह भी लिखा है कि इस संबंध में पूर्व में कई बार थाने में तहरीर दी गई। पुलिस ने मुकदमा नहीं लिखा। हर बार कोई न कोई बहाना बनाकर टहला दिया। आरोप है कि फरार चल रहा तत्कालीन डाकपाल नारायण सिंह अरतौनी में अपनी मां और भाई के पास मिलने आता है। डाकखाने के कर्मचारी उनके घर भी गए थे। नारायण सिंह के बारे में पूछा। स्वजन ने यह कह दिया कि उन्हें उसके बारे में कोई जानकारी नहीं है। विभागीय जांच में 1.74 लाख रुपये का हिसाब नहीं मिला। खाताधारकों की पासबुक में एंट्री है, इसलिए उन पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। इंस्पेक्टर सिकंदरा बलवान सिंह का कहना है कि फरार आरोपित की तलाश कराई जा रही है।
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