बरेली: 3 से 6 साल तक के बच्चों में हो सीखने व समझने की ललक
बरेली, अमृत विचार। 3 से 6 वर्ष तक के बच्चों में बुनियादी शिक्षा के प्रति ललक पैदा करने के लिए साक्षरता व संख्यात्मक फाउंडेशनल लिटरेसी व न्यूमरेसी पर आधारित प्रशिक्षण दिया जा रहा है। बच्चें शुरुआती गणित व अन्य विषयों को समझ सकें इस उद्देश्य के साथ शिक्षकों व आंगनबाड़ी कायकत्रियों कों इसमें शामिल किया …
बरेली, अमृत विचार। 3 से 6 वर्ष तक के बच्चों में बुनियादी शिक्षा के प्रति ललक पैदा करने के लिए साक्षरता व संख्यात्मक फाउंडेशनल लिटरेसी व न्यूमरेसी पर आधारित प्रशिक्षण दिया जा रहा है। बच्चें शुरुआती गणित व अन्य विषयों को समझ सकें इस उद्देश्य के साथ शिक्षकों व आंगनबाड़ी कायकत्रियों कों इसमें शामिल किया गया है।
रविवार को कांधरपुर बीआरसी सभागार में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यहां से प्रशिक्षण प्राप्त कर चुकी प्रधानाध्यापिका सीमा मलिक ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत निपुण भारत मिशन चलाया जा रह है। इसके अंतर्गत बाल वाटिका जो वर्तमान में आंगनवाड़ी केंद्रों द्वारा संचालित की जाती है, आगे चलकर प्राथमिक शिक्षा के साथ जोड़ने का प्रावधान है। इसमें 3 से 6 वर्ष तक के बच्चों को बाल वाटिका या प्री प्राइमरी शिक्षा प्रदान करने का प्रावधान भी शामिल है।
लेकिन वर्तमान सत्र से 3 महीने का एक विशेष शिक्षण सत्र पहली कक्षा में प्रवेश लेने वाले बच्चों को दिया जाएगा। जिससे वे विद्यालय के वातावरण में सहज अनुभव कर सकें और उनकी शिक्षा का कार्य प्रारंभ किया जाए। बताया कि इस प्रशिक्षण के अंतर्गत पहली से तीसरी कक्षा के बच्चों के साथ किस प्रकार की रणनीति को अमल में लाया जाएगा इस पर विस्तार से चर्चा की जा रही है। शासन की यह पहल निश्चित रूप से बच्चों के लिए उनके हित में अच्छी पहल है।
