मुरादाबाद : साइबर अपराधियों के निशाने पर हैं कारोबारी, एक साल में मिलीं 1000 से अधिक शिकायतें
मुरादाबाद/अमृत विचार। सोशल मीडिया पर निर्यात का बाजार सजाने वाले कारोबारी यहां साइबर अपराध के शिकार हो रहे हैं। साल भर में यहां इस तरह के 67 अपराध हुए हैं, जिसके अभियोग दर्ज किए गए हैं। यानी कि सोशल मीडिया के जरिए अपने उत्पादों को वैश्विक प्लेटफार्म देने वालों के सामने यहां खतरे हजार हैं। …
मुरादाबाद/अमृत विचार। सोशल मीडिया पर निर्यात का बाजार सजाने वाले कारोबारी यहां साइबर अपराध के शिकार हो रहे हैं। साल भर में यहां इस तरह के 67 अपराध हुए हैं, जिसके अभियोग दर्ज किए गए हैं। यानी कि सोशल मीडिया के जरिए अपने उत्पादों को वैश्विक प्लेटफार्म देने वालों के सामने यहां खतरे हजार हैं। रिकार्ड बता रहे हैं कि कुछ शरारती तत्व इसी सोशल मीडिया के जरिए आपराधिक कृत्यों को अंजाम दे चुके हैं।
पुलिस ने एक साल में ऐसे ही 67 सोशल मीडिया अकाउंट की पहचान करते हुए ना केवल उन्हें बंद कराया है, बल्कि एकाउंट धारकों के खिलाफ मुकदमे की कार्रवाई भी की है। साइबर थाने के रिकार्ड बताते हैं कि एक साल में सोशल मीडिया के जरिए साइबर अपराध की 1000 से अधिक शिकायतें आई हैं। उधर, जांच के दौरान इनमें से 67 शिकायतों पर मुकदमा दर्ज करते हुए इन एकाउंट को बंद कराया गया है। पुलिस ने 63 मामलों में दंडात्मक कार्रवाई की है, जबकि चार मामलों की विवेचना जारी है। पुलिस ने बताया कि यह सभी अपराध फेसबुक और उसके ही सहयोगी प्लेटफार्म इंस्टाग्राम के जरिए अंजाम दिए गए हैं। इन शिकायतों को देखते हुए पुलिस ने अब फेसबुक और इंस्टाग्राम के अन्य संदिग्ध खातों की निगरानी शुरू कर दी है।
अब तक बेदाग है ट्विटर और टेलीग्राम
महानगर में ट्विटर और टेलीग्राम के यूजर तेजी से बढ़ रहे हैं। एक अनुमान के मुताबिक यहां ट्विटर के यूजर की संख्या छह लाख के पार हो सकती है। जबकि एक से डेढ़ लाख उपभोक्ता टेलीग्राम के भी हैं। बावजूद इसके अभी तक इन दोनों प्लेटफार्म से अपराध की कोई शिकायत पुलिस के पास नहीं हुई है। पुलिस के मुताबिक चुनाव में कुछ शिकायतें आईं तो थीं, लेकिन इनमें गंभीरता नहीं होने की वजह से रिकार्ड पर नहीं लिया गया है।
अपमानित करने के मामले ज्यादा
सोशल मीडिया के जरिए होने वाले अपराध में ज्यादातर मामले शील भंग या किसी को अपमानित करने के हैं। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक इसमें बिना सत्यता की पड़ताल किए किसी भी व्यक्ति के खिलाफ की गई टिप्पणी भी शामिल है। इसके अलावा किसी व्यक्ति का क्लोन आईडी बनाकर उसके मित्रों से रुपये मांगने का मामला भी है।
सोशल मीडिया का है अपना शिष्टाचार
सोशल मीडिया का वैसे तो कोई विधान नहीं है, लेकिन सभ्य समाज में इसके लिए एक शिष्टाचार की व्यवस्था जरूर है। चूंकि यह खुला मंच है और कोई भी इसमें कुछ भी लिख सकता है या कोई भी पोस्ट, फोटो डाल सकता है, इसलिए इस पर रोकथाम के लिए आईटी एक्ट और भारतीय दंड संहिता की धाराओं के तहत नियंत्रित करने का प्रावधान भी है।
67-कुल मुकदमे
63-निस्तारित मुकदमे
4-लंबित मुकदमे
1150-कुल शिकायतें
क्या करें क्या ना करें
- कोई भी पोस्ट डालने से पहले उसकी प्रमाणिकता की जांच कर लें।
- गैर प्रमाणित पोस्ट ना डालें, इससे मुश्किल में पड़ सकते हैं।
- कोई पोस्ट डालते समय ध्यान रखें कि इससे किसी का मान भंग ना हों।
- महिला या बाल अपराध से संबंधित पोस्ट में पीड़ित की पहचान उजागर नहीं होनी चाहिए।
- महिलाओं की तस्वीर सोशल मीडिया पर डालने से भरसक परहेज करें।
- सोशल मीडिया पर किसी महिला से चैट करते समय मर्यादा का ध्यान रखें।
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