मुरादाबाद : पुलिस-एसटीएफ पकड़ेगी अवैध शराब, मतगणना और होली के मद्देनजर शासन ने दिए निर्देश
मुरादाबाद, अमृत विचार। मतगणना और होली के मद्देनजर अवैध शराब के धंधेबाजों पर सिविल पुलिस अब एसटीएफ के साथ मिलकर वार करेगी। कच्ची व दूसरे राज्यों से आने वाली शराब के अलावा एक्स्ट्रा न्यूट्रल एल्कोहल के जरिए बनाई जाने वाली अमिश्रित शराब पर शिकंजा कसने के लिए दोनों मिलकर योजना बनाकर कार्रवाई करेंगे। मण्डल के …
मुरादाबाद, अमृत विचार। मतगणना और होली के मद्देनजर अवैध शराब के धंधेबाजों पर सिविल पुलिस अब एसटीएफ के साथ मिलकर वार करेगी। कच्ची व दूसरे राज्यों से आने वाली शराब के अलावा एक्स्ट्रा न्यूट्रल एल्कोहल के जरिए बनाई जाने वाली अमिश्रित शराब पर शिकंजा कसने के लिए दोनों मिलकर योजना बनाकर कार्रवाई करेंगे। मण्डल के अधिकारियों को शासन ने इस अभियान में एसटीएफ का सहारा लेने के निर्देश दे दिए हैं।
मुरादाबाद मंडल अवैध शराब के लिए बदनाम है। रामपुर, मुरादाबाद और सम्भल में तो खुले आम कच्ची शराब तोड़ी जाती है। इसके अलावा पूरे साल हरियाणा, दिल्ली व आंध प्रदेश की शराब की खपत की जाती है। त्योहारों और चुनाव के दौरान तो दूसरे राज्यों की शराब की जबरदस्त डिमांड होती है। अवैध शराब के धंधेबाज लाखों रुपये की शराब डंप कर लेते हैं। अब इन धंधेबाजों ने अमिश्रित शराब बनाकर सरकारी दुकानों पर बेचने का नया तरीका निकाल लिया है।
पंजाब से एक्स्ट्रा न्यूट्रल एल्कोहल लाकर उसे मिलाकर हूबहू असली शराब बना लेते हैं। सरकारी दुकान के ठेकेदारों
से साठगांठ कर उसको बेचते हैं। मंडल में कई बार इस जानलेवा धंधे का खुलासा हो चुका है। एक बार एसटीएफ ने अगवानपुर क्षेत्र में दबिश देकर करीब 22 हजार लीटर एल्कोहल पकड़ा था।
जिलेवार अधिकारियों को भेजा आदेश
आने वाले दिनों में मतगणना होनी है और होली भी है। ऐसे में शासन का मानना है कि इस दौरान कच्ची, दूसरे राज्य व अमिश्रित शराब की खपत बढ़ेगी है। लिहाजा जिलावार अधिकारियों को भेजे गए आदेश में कहा है कि इस अभियान में वह एसटीएफ की भी मदद लें। खासतौर पर जिन जिलों में एसटीएफ ने भारी मात्रा में अवैध शराब का भंडाफोड़ किया है, वहां पर पुलिस व एसटीएफ संयुक्त रूप से अभियान चलाकर कार्रवाई करे। पिछले मामलों में पकड़े गए अवैध शराब धंधेबाजों की भी निगरानी करने के निर्देश दिए हैं।
डीआईजी शलभ माथुर ने कहा कि इस संबंध में सभी जिलों के अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। अभियान के दौरान नियमित रिपोर्ट मंडल मुख्यालय को भेजेंगे। वहीं पहले पकड़े गए आरोपियों की भी निगरानी की जा रही है।
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