रामपुर : वैदिक काल में महिलाएं भी थी वेदों की ज्ञाता
रामपुर/अमृत विचार। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर सरकथल स्थित महाराजा पृथ्वीराज चौहान स्नातकोत्तर महाविद्यालय में कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान राष्ट्रीय सेवा योजना एनएसएस के छात्र- छात्राओं ने विश्व अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर महिला अधिकारों की शपथ ली। शपथ प्राचार्य डॉ. अशोक कुमार शर्मा द्वारा दिलाई गई। उन्होंने छात्र -छात्राओं से महिलाओं को उनके अधिकारों …
रामपुर/अमृत विचार। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर सरकथल स्थित महाराजा पृथ्वीराज चौहान स्नातकोत्तर महाविद्यालय में कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान राष्ट्रीय सेवा योजना एनएसएस के छात्र- छात्राओं ने विश्व अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर महिला अधिकारों की शपथ ली। शपथ प्राचार्य डॉ. अशोक कुमार शर्मा द्वारा दिलाई गई।
उन्होंने छात्र -छात्राओं से महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने की अपील की। कहा कि महिलाएं आज किसी भी क्षेत्र में पुरुषों से पीछे नहीं है।वैदिक काल में भी महिलाएं वेदों की ज्ञाता थी।जिनमें 400 पुरुष ऋषि थे तो वहीं दूसरी ओर 30 महिला ऋषि थी। महिलाओं को प्राचीन काल से ही समानता के अधिकार के लिए हमारे शास्त्रों में कहा गया है। पहले महिला साक्षर अधिक न होने के कारण अपने अधिकारों से वंचित रह जाती थी लेकिन आज महिलाएं पुरुषों से कंधे से कंधा मिलाकर चल रही है।
कॉलेज प्रबंध समिति के गोपाल सिंह चौहान ने छात्रों का आव्हान किया कि वे महिलाओं को उनके अधिकारों के विषय में जागरूक करें।महिलाओं के जागरूक होने से ही हमारा समाज सशक्त और सबल होगा।इस मौके पर प्रबंध समिति के सुरेश सिंह चौहान, मदन पाल सिंह चौहान, सुभाष गांधी व एनएसएस के कार्यक्रम अधिकारी डॉ जुल्फिकार अली, एनएसएस कीदूसरी इकाई के कार्यक्रम अधिकारी प्रदीप कुमार प्रवक्ताओं में एसबी यादव,अनूप सिंह चौहान,योगेश चौहान, सुषमा राज,हरिओम सिंह,अमित चौहान आदि थे।
