हरदोई: खून की कमी से जूझ रही शालिनी की बचाई ज़िंदगी, कांस्टेबिल ने दिखाई दरिया-दिली

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Edited By Amrit Vichar
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हरदोई। अमूमन हर कोई खाकी को डरी-सहमी निगाहों से देखा करता है। लेकिन खाकी पहनने वाले भी इंसान होते हैं। उनके सीने में भी दिल धड़कता है। उन्होंने भी इंसानियत का सबक पढ़ा है। एक ऐसा ही मामला सामने आया। खून की कमी से तड़प रही शालिनी की ज़िंदगी पर बन आई। बस फिर क्या …

हरदोई। अमूमन हर कोई खाकी को डरी-सहमी निगाहों से देखा करता है। लेकिन खाकी पहनने वाले भी इंसान होते हैं। उनके सीने में भी दिल धड़कता है। उन्होंने भी इंसानियत का सबक पढ़ा है। एक ऐसा ही मामला सामने आया। खून की कमी से तड़प रही शालिनी की ज़िंदगी पर बन आई। बस फिर क्या था। इंसानियत का फर्ज़ अदा करने के लिए खाकी ने सबसे पहले आगे आ कर उस अजनबी से खून का रिश्ता जोड़ने में ज़रा भी देरी नहीं की।

मामला हरदोई मेडिकल कालेज का है। जहां पिहानी थाने के कुल्लही की रहने वाली 18 वर्षीय शालिनी खून की कमी के चलते भर्ती है। उसे खून की सख्त ज़रूरत है। इसका पता होते ही पुलिस लाइन में तैनात कांस्टेबिल विनय पटेल सीधे ब्लड बैंक पहुंच कर शालिनी के बारे में सारी जानकारी जुटाई। इसके बाद लैब टेक्नीशियन अकील खां से मिल कर शालिनी को खून देने की ख्वाहिश ज़ाहिर की।

शालिनी के लिए अजनबी कांस्टेबिल विनय पटेल ने उसे खून देते हुए उससे अपने खून का रिश्ता जोड़ कर ऐसे लोगों को मुंह तोड़ जवाब दिया है जो खाकी को इंसानी रिश्तों से कोसों दूर की नज़रों से देखा करते हैं। कांस्टेबिल विनय पटेल ने साबित कर दिया कि खाकी के अंदर भी इंसान होते हैं और उन्हें भी इंसानियत का सबक मालूम है।

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