पंजा लड़ाने को कौन कहे मुट्ठी नहीं खोल पाई कांग्रेस, अयोध्या की पांच सीटों पर रहा बुरा हाल
अयोध्या। विधानसभा के चुनाव में पंजा लड़ा पाने को कौन कहे कांग्रेस जिले में मुट्ठी ही बांधे रह गई। चुनाव के नतीजों में सबसे ज्यादा चौंकाने वाली पार्टी बसपा ही नहीं बल्कि कांग्रेस भी रही है। अयोध्या जनपद की पांचों सीटों पर बसपा से भी अच्छा प्रदर्शन कांग्रेस प्रत्याशी नहीं कर सके। कांग्रेस को सबसे …
अयोध्या। विधानसभा के चुनाव में पंजा लड़ा पाने को कौन कहे कांग्रेस जिले में मुट्ठी ही बांधे रह गई। चुनाव के नतीजों में सबसे ज्यादा चौंकाने वाली पार्टी बसपा ही नहीं बल्कि कांग्रेस भी रही है। अयोध्या जनपद की पांचों सीटों पर बसपा से भी अच्छा प्रदर्शन कांग्रेस प्रत्याशी नहीं कर सके। कांग्रेस को सबसे अधिक वोट बीकापुर विधानसभा में व सबसे कम वोट गोसाईगंज विधानसभा में मिला है। पांचों विधानसभाओं में बसपा प्रत्याशी कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवारों से जबर रहे।
बीकापुर के कांग्रेस प्रत्याशी अखिलेश यादव को 4394 वोट मिले हैं। यहां बसपा प्रत्याशी सुनील को 21385 वोट मिले थे। रुदौली में कांग्रेस प्रत्याशी दयानंद शुक्ल को 3270, जबकि बसपा प्रत्याशी अब्बास अली जैदी रुश्दी को 52,181 वोट मिले हैं। मिल्कीपुर में कांग्रेस प्रत्याशी बृजेश कुमार को 3166, जबकि बसपा प्रत्याशी मीरा देवी को 14,427 वोट मिले हैं।
अयोध्या विधानसभा में कांग्रेस प्रत्याशी रीता मौर्या को 2011, जबकि बसपा प्रत्याशी रवि प्रकाश को 17,706 वोट मिले हैं। सबसे कम वोट गोसाईगंज में कांग्रेस प्रत्याशी को मिला है। यहां शारदा देवी को 1319, जबकि बसपा प्रत्याशी राम सागर को 32,271 वोट मिले हैं। गौरतलब है कि 2017 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन किया था। अयोध्या में किसी भी सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी नहीं उतारे थे।
जिले में कांग्रेस के न फलने-फूलने के यह है चार कारण
1- कांग्रेस पार्टी अयोध्या के इस चुनाव में एक्टिव ही नहीं दिखी।
2- टिकट बंटवारे के बाद कई तरह की कलह सामने आई।
3- छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल को छोड़ कोई प्रचार करने नहीं आया।
4- जिले के भी शीर्ष कांग्रेसी नेताओं में उत्साह नहीं दिखा।
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