मुरादाबाद सीट : भाजपा उम्मीदवार का कई बूथों पर नहीं खुला खाता, सपा प्रत्याशी को सभी क्षेत्रों में अनिवार्य रूप से मिले मत
मुरादाबाद,अमृत विचार। कहां तो तय था चराग हर घर के लिए, यहां चराग मयस्सर नहीं सहर (सुबह-भोर) के लिए। जनकवि दुष्यंत कुमार की यह रचना भाजपा के चुनावी संकल्पों का आईना है। यहां पार्टी ने हर बूथ पर मतदाताओं का समर्थन पाने का दावा किया था। इसके लिए पन्ना प्रमुख और बूथ प्रभारी जिम्मेदार बनाए …
मुरादाबाद,अमृत विचार। कहां तो तय था चराग हर घर के लिए, यहां चराग मयस्सर नहीं सहर (सुबह-भोर) के लिए। जनकवि दुष्यंत कुमार की यह रचना भाजपा के चुनावी संकल्पों का आईना है। यहां पार्टी ने हर बूथ पर मतदाताओं का समर्थन पाने का दावा किया था। इसके लिए पन्ना प्रमुख और बूथ प्रभारी जिम्मेदार बनाए गए थे। लेकिन, शहर के 10 से अधिक बूथों पर पार्टी का खाता तक नहीं खुल पाया।
शहर विधानसभा क्षेत्र में भाजपा और सपा में सीधी टक्कर हुई। बसपा, कांग्रेस और अन्य दलों के उम्मीदवार जंग में बहुत दूर तक नहीं दिखे। लेकिन, निर्वाचन विभाग के आंकड़े भाजपा की तैयारियां और दावे की अलग कहानी बयां कर रहे हैं। वैसे तो शुरुआती चक्र में सपा की बढ़त रही। सपा उम्मीदवार हाजी यूसुफ अंसारी और भाजपा उम्मीदवार विधायक रितेश गुप्ता के बीच क्षेत्रवार भिड़ंत हुई। बूथ संख्या 354 से 419 के बीच सपा हाशिए पर आ गई थी। लेकिन, बूथ संख्या 309 से 322 के बीच भाजपा उम्मीदवार को एक अंक में मत मिले पाए। बूथ संख्या 309 पर भाजपा को सिर्फ एक मतदता का साथ मिला, जबकि सपा को 446 वोट मिले थे। बूथ संख्या 198 पर भाजपा का खाता तक नहीं खुला। जबकि बूथ 287 पर सपा को 100 मत मिले और भाजपा को शून्य।

उधर, यही हाल बूथ संख्या 262 का रहा, जहां भाजपा उम्मीदवार को किसी ने पसंद नहीं किया। 133 नंबर बूथ पर सपा उम्मीदवार को 548 लोगों का साथ मिला है। जबकि, भाजपा का खाता तक नहीं खुला। बूथ संख्या 86 और 50 पर भाजपा को एक भी वोट नहीं मिले। जबकि, यहां सपा की साइकिल दौड़ी। शुरुआती चक्र यानी बूथ संख्या 14 से 20 के बीच भाजपा को महज एक से पांच लोगों ने ही पंसद किया। बूथ संख्या एक से 13 तक भाजपा को अधिकतम छह मत मिले। बूथ संख्या 203 से 341 के बीच भाजपा के खाते में शून्य मत आए। बूथ संख्या 262 पर भी भाजपा को किसी ने भी को पसंद नहीं किया। 144 नंबर बूथ पर सपा को 724 लोगों ने पसंद किया। भाजपा की बोहनी तक नहीं हुई। जबकि बूथ संख्या 484 से मुख्य लड़ाई में आई।
भाजपा के महानगर अध्यक्ष धर्मेंद्र नाथ मिश्र पार्टी के इस प्रदर्शन पर कुछ भी स्पष्ट बोलने को तैयार नहीं हैं। कहते हैं कि शहर के कुछ हिस्सों में धार्मिक आधार पर मत विभाजन हो गया। जबकि, राज्य और केंद्र सरकार सबका साथ और सबका विकास के लिए संकल्पित है। ऐसे में जिन क्षेत्रों में पार्टी को मत नहीं मिले हैं, हम उनकी समीक्षा करेंगे और यह पता लगाने की कोशिश करेंगे कि कहां पर चूक हुई।
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