सीतापुर: शासन की मंशा को ठेंगा दिखा रहे हैं ठेकेदार, पुनर्निर्माण के चंद दिनों बाद उखड़ने लगी सड़क

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महोली/सीतापुर। एक ओर निर्माण कार्य पूरा हुआ, दूसरी ओर सड़क उखड़नी शुरू हो गई। ठेकेदार की मनमानी का आलम यह है कि सौ मीटर सड़क के पुनर्निर्माण कार्य के लिए करीब एक लाख 30 हजार कागजों पर खर्च दिखाया गया, लेकिन कार्य की गुणवत्ता का आलम यह है कि सड़क की गिट्टी चंद दिनों के …

महोली/सीतापुर। एक ओर निर्माण कार्य पूरा हुआ, दूसरी ओर सड़क उखड़नी शुरू हो गई। ठेकेदार की मनमानी का आलम यह है कि सौ मीटर सड़क के पुनर्निर्माण कार्य के लिए करीब एक लाख 30 हजार कागजों पर खर्च दिखाया गया, लेकिन कार्य की गुणवत्ता का आलम यह है कि सड़क की गिट्टी चंद दिनों के बाद ही उखड़ने लगी है।

केंद्र और प्रदेश सरकार द्वारा विकास कार्यों को पारदर्शिता के साथ कराने के निर्देश विभागों के जिम्मेदारों को दिए गए हैं। यही नहीं इसका सख्ती से पालन न होने पर कार्रवाई की जा रही है। इसके बावजूद ठेकेदार शासन की मंशा को ठेंगा दिखाने में लगे हैं। आलम यह है कि ठेकेदार की खाऊ कमाऊ नीति के चलते करीब सात सौ मीटर बनी सड़क चंद दिनों में ही उखड़ गई। वहीं जिम्मेदार इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।

बता दें कि महोली-पिसावां संपर्क मार्ग के किलोमीटर संख्या 6 से सहियापुर संपर्क मार्ग तक 700 मीटर सड़क का पुनर्निर्माण कार्य मेसर्स शिव कांस्ट्रैक्शन 4 माल रोड शिवपुरी सीतापुर द्वारा कराया गया था। इसमें कार्य विवरण के अनुसार 650 मीटर तारकोल रोड और 50 मीटर इंटरलॉकिंग शामिल है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत ग्राम्य विकास मंत्रालय भारत सरकार (विश्व बैंक) द्वारा पोषित परियोजना के तहत हुए इस कार्य को 9.27 लाख की लागत से कराया जाना निर्धारित था। इस कार्य की अनुरक्षण अवधि 22 अक्टूबर 2021 से 21 अक्टूबर 2026 निश्चित है।

लेकिन ठेकेदार द्वारा की गई मनमानी और मानकविहीन निर्माण कार्य का आलम यह है कि कार्य पूरा होने के बाद अनुरक्षण अवधि के शुरुआती दौर में ही यह सड़क बनने के कुछ दिनों बाद ही उखड़ना शुरू हो गई, तो आगे आने वाले पांच वर्षों में इस सड़क का हाल क्या होगा। स्थानीय लोगों की मानें तो सड़क की गिट्टी उखड़ने से उस पर निकलने वाले दुपहिया वाहन और साइकिल सवार कई कार गिरकर चोटिल हो चुके हैं। इसकी शिकायत भी की गई है, लेकिन कोई सुनवाई ही नहीं हो रही है।

बोर्ड पर लिखवाया गलत विवरण

कार्यदायी संस्था द्वारा कार्य को लेकर कितनी गंभीरता और पारदर्शिका बरती गई है इसका अंदाजा इससे ही लगाया जा सकता है कि महोली पिसावां मार्ग पर संबंधित रोड के मोड़ पर लगे बोर्ड तथा दूसरे स्थान पर लगे बोर्ड पर भ्रमित विवरण लिखा गया है। इस बोर्ड में कार्यदायी संस्था का नाम व पते में बदलाव है। यही नहीं इस बोर्ड पर महोली-पिसावां मार्ग न लिखकर पिसावां-बरगावां मार्ग लिखा गया है।

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