Sitapur News : पेपर लीक के खिलाफ छात्रों का प्रदर्शन, राष्ट्रपति के नाम एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
सहयोग छात्र शिक्षा समिति के नेत्रत्व में एकजुट हुए छात्र,
सीतापुर के महमूदाबाद में सहयोग छात्र शिक्षा समिति के नेतृत्व में छात्रों ने प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार हो रही पेपर लीक की घटनाओं के विरोध में प्रदर्शन किया। छात्रों ने राष्ट्रपति के नाम एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर पेपर लीक पर कठोर कानून, दोषियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई, परीक्षा प्रणाली में तकनीकी सुरक्षा और पारदर्शिता बढ़ाने की मांग की।
महमूदाबाद/सीतापुर, अमृत विचार। प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रही पेपर लीक की घटनाओं और परीक्षा प्रक्रिया में बढ़ती अनियमितताओं के विरोध में सोमवार को सहयोग छात्र शिक्षा समिति के बैनर तले छात्रों ने महमूदाबाद तहसील पहुंचकर प्रदर्शन किया। छात्रों ने राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी (एसडीएम) अभिषेक प्रियदर्शी को सौंपते हुए परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार और पेपर लीक पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
संस्था प्रमुख धर्मेंद्र कुमार के नेतृत्व में बड़ी संख्या में छात्र तहसील परिसर पहुंचे। छात्रों का कहना था कि बार-बार होने वाली पेपर लीक की घटनाओं से लाखों अभ्यर्थियों का भविष्य दांव पर लग रहा है। वर्षों की मेहनत और तैयारी के बावजूद युवाओं को निष्पक्ष एवं पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था नहीं मिल पा रही, जिससे उनमें निराशा और असंतोष बढ़ता जा रहा है।

पेपर लीक पर कठोर कानून और त्वरित कार्रवाई की मांग
राष्ट्रपति को भेजे गए ज्ञापन में छात्रों ने मांग की कि पेपर लीक जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने के लिए कठोर कानून बनाए जाएं। साथ ही, ऐसे मामलों में शामिल दोषियों के खिलाफ त्वरित, निष्पक्ष और कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
छात्रों ने राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में तकनीकी सुरक्षा, गोपनीयता और जवाबदेही को और मजबूत करने की भी मांग उठाई। उनका कहना था कि आधुनिक तकनीक के उपयोग से परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाया जा सकता है।
सोनम वांगचुक के मुद्दे पर भी जताई नाराजगी
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के साथ हुई कथित बदसलूकी पर भी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने वालों के सम्मान और अधिकारों की रक्षा किए जाने की मांग की। ज्ञापन सौंपने के दौरान बड़ी संख्या में छात्र मौजूद रहे और परीक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर एकजुटता दिखाई।
