रूस के सरकारी चैनल पर लाइव कार्यक्रम में महिला ने यूक्रेन युद्ध का किया विरोध

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न्यूयॉर्क। रूस के सरकारी टेलीविजन चैनल पर एक समाचार कार्यक्रम के दौरान सोमवार शाम एक महिला यूक्रेन में रूस के आक्रमण का विरोध करते हुए एक पोस्टर पकड़े स्टूडियो में घुस गई। देश में यूक्रेन पर रूस के आक्रमण के विरोध में उठाया गया यह काफी साहसी कदम है, वह भी ऐसे समय में जब …

न्यूयॉर्क। रूस के सरकारी टेलीविजन चैनल पर एक समाचार कार्यक्रम के दौरान सोमवार शाम एक महिला यूक्रेन में रूस के आक्रमण का विरोध करते हुए एक पोस्टर पकड़े स्टूडियो में घुस गई। देश में यूक्रेन पर रूस के आक्रमण के विरोध में उठाया गया यह काफी साहसी कदम है, वह भी ऐसे समय में जब रूस देश में स्वतंत्र मीडिया को अवरुद्ध या बंद करने के पूरे प्रयास कर रहा है और युद्ध को लेकर सरकार की नीतियों के खिलाफ कोई भी खबर दिखाना अपराध की श्रेणी में आता है।

समाचार कार्यक्रम के दौरान अचानक एक महिला ‘एंकर’ के पीछे एक पोस्ट लिए नजर आने लगी, जिस पर अंग्रेजी में ” युद्ध नहीं ” लिखा था। इसके नीचे रूसी में एक संदेश था, जिसमें लोगों से रूसी प्रचार पर विश्वास न करने का आह्वान किया गया था। महिला के स्क्रीन पर दिखते ही चंद सेकंड में कार्यक्रम में अन्य क्लिप चला दी गई।

रूस का सरकारी टेलीविजन नियमित रूप से सरकारी नीतियों को बढ़ावा दे रहा है और उसका कहना है कि सैनिकों ने यूक्रेन में ”नव-नाज़ियों” से लोगों को बचाने और हमला करने की तैयारी कर रहे देश से रूसियों की रक्षा करने के लिए प्रवेश किया है। राजनीतिक गिरफ्तारियों पर नजर रखने वाले एक स्वतंत्र मानवाधिकार समूह ने गिरफ्तार की गई महिला की पहचान मरीना ओव्स्यानिकोव के तौर पर की है। समूह ‘ओवीडी-इंफो’ ने अपनी वेबसाइट पर महिला का एक वीडियो साझा किया।

उसमें महिला ने कहा, ” अब जो हो रहा है वह अपराध है। रूस एक हमलावर देश है और इस आक्रामकता के लिए पूरी तरह से (रूसी के राष्ट्रपति) व्लादिमीर पुतिन जिम्मेदार हैं।” यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने भी मंगलवार तड़के एक वीडियो संदेश में मरीना ओव्स्यानिकोव की सराहना की।

इस बीच, रूस ने देश में सोशल मीडिया मंच तथा अन्य ऐप की पहुंच को सीमित कर दिया है। पुतिन ने देश में पश्चिमी मीडिया तथा कई स्वतंत्र समाचार साइट तक पहुंच को भी अवरुद्ध कर दिया है। वहीं, एक नया कानून पारित किया गया है, जो सरकार की नीतियों के विरुद्ध कोई भी जानकारी फैलाने को अपराध की श्रेणी में लाता है।

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