आजमगढ़: मैकेनिक ने नाबालिग को प्रेमजाल में फंसाया, अधिकारी ने कहा- यह लव जिहाद का मामला है

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 आजमगढ़। जिले के सरायमीर थाना क्षेत्र के मुंबई में एसी मकैनिक का काम करने वाले आजमगढ़ के एक युवक ने कक्षा सात की छात्रा को इंस्टाग्राम और फ्री फायर गेम के जरिए अपने प्रेमजाल में फंसा लिया। युवक के परिवार के लोगों ने विरोध किया तो वह किशोरी को उसके घर छोड़ने की बात कहकर …

 आजमगढ़। जिले के सरायमीर थाना क्षेत्र के मुंबई में एसी मकैनिक का काम करने वाले आजमगढ़ के एक युवक ने कक्षा सात की छात्रा को इंस्टाग्राम और फ्री फायर गेम के जरिए अपने प्रेमजाल में फंसा लिया। युवक के परिवार के लोगों ने विरोध किया तो वह किशोरी को उसके घर छोड़ने की बात कहकर निकला और मुंबई भागने के लिए प्रयागराज पहुंच गया। फिर स्कूल से लेकर फरार हो गया। जहां सिविल लाइंस रेलवे स्टेशन पर स्थानीय लोगों ने उन्हें पकड़ लिया। मामला दो धर्म का होने के कारण दोनों को पुलिस के हवाले कर दिया गया। इस मामले को लव जेहाद से जोड़कर देखा जा रहा है अधिकारी कार्रवाई में जुटे हुए है।

पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह मुंबई में एसी बनाता है। घर वालों के विरोध के बाद वह किशोरी को अपने साथ मुंबई ले जा रहा था। पुलिस के अनुसार किशोरी के गायब होने का मुकदमा लखनऊ महानगर थाने में दर्ज है। महानगर पुलिस किशोरी को अपने साथ ले गई है। आरोपी के खिलाफ विधिक कार्रवाई जारी है।

बताते हैं कि सरायमीर थाना क्षेत्र के डंडवा मुस्तफाबाद गांव निवासी आसिफ मुंबई में एसी मकैनिक है। करीब दो साल पहले उसकी एक नाबालिग से इंस्टाग्राम और फ्री फायर गेम के जरिए दोस्ती हो गयी। किशोरी लखनऊ की रहने वाली है। दोनों में बातचीत शुरू हुई तो आसिफ ने उसे अपने प्रेमजाल में फंसा लिया।

उक्त किशोरी कक्षा सात की छात्रा है और 12 मार्च को वह परीक्षा देने स्कूल गई थी। आसिफ को इसकी जानकारी थी इसलिए वह भी स्कूल पहुंच गया और परीक्षा समाप्त होने के बाद किशोरी को अपने साथ लेकर गांव आ गया। घर पहुंचने पर जब इसकी जानकारी आसिफ के पिता को हुई तो उन्होंने विरोध किया और कहा कि वे किशोरी को उसे घर पहुंचा देंगे।

इसके बाद आसिफ ने पिता को यह भरोसा दिया कि वह खुद उसे उसके घर पहुंचाएगा। इसके बाद वह 13 मार्च को किशोरी को लेकर घर से निकल गया लेकिन वह किशोरी को उसके घर छोड़ने लखनऊ नहीं गया। सुबह लखनऊ पुलिस से बात हुई तो आसिफ ने कहा कि आज ही लखनऊ आ जाएंगे। जब वह लखनऊ नहीं पहुंचा तो सोमवार की सुबह लखनऊ महानगर थाने की पुलिस उसके घर पहुंच गयी लेकिन दोनों मौके पर नहीं मिले। उसके पिता ने बताया कि वह लखनऊ जाने की बात कहकर घर से निकला था।

पुलिस को गुमराह कर आसिफ किशोरी को लेकर मुंबई भागने की फिराक में था। इसलिए वह 14 मार्च को सीधा प्रयागराज के सिविल लाइंस रेलवे स्टेशन पहुंच गया। यहां दे देर रात तक स्टेशन परिसर में टहलते रहे। उनकी गतिविधि लोगों को संदिग्ध लगी तो उन्होंने दोनों से पूछताछ की। लोगों को जब पता चला कि दोनों अलग अलग धर्म के हैं तो उन्होंने स्थानीय पुलिस को बुलाकर उनके हवाले कर दिया।

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