रामपुर : 25 हजार के ईनामी पूर्व चेयरमेन अजहर खां ने मुरादाबाद में किया सरेंडर

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रामपुर, अमृत विचार। सपा सांसद आजम खां के करीबी पूर्व पालिका चेयरमेन और 25 हजार के ईनामी 19 मुकदमों के आरोपी अजहर खां ने मुरादाबाद एमपी-एमएलए कोर्ट में सरेंडर कर दिया। अजहर करीबी तीन साल से फरार चल रहे थे। गंज पुलिस लगातार उनके ठिकानों पर दबिश दे रही थी। कोतवाली में चल रहे मुकदमें …

रामपुर, अमृत विचार। सपा सांसद आजम खां के करीबी पूर्व पालिका चेयरमेन और 25 हजार के ईनामी 19 मुकदमों के आरोपी अजहर खां ने मुरादाबाद एमपी-एमएलए कोर्ट में सरेंडर कर दिया। अजहर करीबी तीन साल से फरार चल रहे थे। गंज पुलिस लगातार उनके ठिकानों पर दबिश दे रही थी। कोतवाली में चल रहे मुकदमें में 23 सितंबर 2020 को उनके घर की कुर्की हो चुकी है।

सपा शासनकाल में पुलिस लाइन के पास स्थित डूंगरपुर बस्ती में आसरा कालोनी का निर्माण कराया गया था। तब सांसद आजम खां कैबिनेट मंत्री थे। आसरा कालोनी जहां पर बनाई गई थी। वहां पर पहले से मकान बने हुए थे। उन सभी मकानों को तोड़ दिया गया था। इस दौरान पीड़ितों ने 12 मुकदमें दर्ज कराए थे।

इन मुकदमों में सांसद आजम खां के समर्थकों को भी नामजद किया गया था। इसके अलावा तत्कालीन सीओ सिटी आले हसन खां के नाम भी शामिल थे। मुकदमों में मारपीट, छेड़खानी और लूटपात तोड़फोड़ के आरोप लगाए थे। तभी से यह फरार चल रहे थे। इनके खिलाफ कोर्ट से गैर जमानती वारंट भी जारी हुए थे। उसके बाद भी वह फरार चल रहे थे।

उसके बाद पुलिस ने इनके घर पर कुर्की का नोटिस भी चस्पा किया था। लेकिन वह फरार चलते रहे थे। जिसके बाद कोतवाली में चल रहे मुकदमें में 23 सितंबर 2020 को उनके घर की कुर्की कर दी गई थी। उसके बाद पुलिस अधीक्षक ने 16 सितंबर 2020 को 25 हजार रुपये का ईनाम भी घोषित किया था। पुलिस लगातार उनको तलाश रही थी।

लेकिन वह पुलिस के हाथ नहीं आ रहे थे। बुधवार को उन्होने मुरादाबाद कोर्ट में सरेंडर कर दिया है। उन्हें उम्मीद थी कि विधानसभा चुनाव के बाद प्रदेश में सपा की सरकार बन जाएगी तो कुछ राहत मिल जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हो सका तो आत्मसमर्पण कर दिया है।

सपा सरकार में पूर्व चैयरमेन की बोलती थी तूती
समाजवादी पार्टी की सरकार में अजहर खां की तूती बोलती थी। उस समय वह खुद नगर पालिका के अध्यक्ष थे। अब उनकी पत्नी फात्म जबीं का नगर पालिका की चेयरमैन हैं। आजम खां के कैबिनेट मंत्री और उनसे करीबी होने की वजह से बड़े से बड़ा अधिकारी तक उनसे नहीं बोल पाता था।

पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष अजहर खां ने सांसद आजम खां से नजदीकियां होने की वजह से बहुत कम समय में ही सियासत में अच्छा मुकाम हासिल कर लिया। वह कभी नगर पालिका में एक वार्ड के सभासद हुआ करते थे, लेकिन आजम खां से नजदीकियां बढ़ीं, तो उसी नगर पालिका के चेयरमैन बन गए। वह 2012 में पहली बार नगर पालिका के चेयरमैन बने थे।

उनके पांच साल के कार्यकाल के दौरान शहर में कई इमारतें टूटीं। नवाबी दौर में बने गेट तक तोड़ दिए गए। हालांकि, इनमें कुछ का नए सिरे से निर्माण भी हुआ। इसके बाद 2017 में फिर निकायों के चुनाव हुए, जिसमें रामपुर नगर पालिका की सीट महिला के लिए आरक्षित हो गई।

आजम खां से करीबी होने की वजह से वह फिर से टिकट लेने में कामयाब हो गए और पत्नी फात्मा जबीं को नगर पालिका अध्यक्ष बनवा दिया। लेकिन भाजपा सरकार आते ही आजम के साथ ही उनके खिलाफ भी कानूनी शिकंजा कसना शुरू हुआ तो एक के बाद एक उनके खिलाफ मुकदमे होते गए। सियासी चमक भी फीकी पड़ गई। तोड़फोड़ करने, मारपीट करने, लूट आदि समेत विभिन्न आरोपों में 19 मुकदमे दर्ज हो गए, जिसमें वे फरार चल रहे थे।

वर्जन
रिमांड तैयार कराया जा रहा है, गुरुवार को मुरादाबाद की अदालत में पेश किया जाएगा। आदेश होने के बाद पूर्व चेयरमैन अजहर खां को रामपुर लाया जाएगा और दर्ज मामलों में पूछताछ के बाद पुलिस अपनी विवेचना को आगे बढ़ाएगी। —डा. संसार सिंह, एएसपी, रामपुर

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