लखनऊ: एक महीने बाद भी साफ नहीं हो सकी स्क्रैप सेंटर की तस्वीर, अधिकारियों की सुस्ती खड़े कर रही सवाल!

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लखनऊ। अनफिट के साथ ही कबाड़ वाहनों को रोड से हटाने के लिए देश भर में स्क्रैप पॉलिसी लागू कर दी गई है। इसी व्यवसथा के तहत प्रदेश के विभिन्न शहरों में स्क्रैप सेंटर खोले जाने हैं। राजधानी में भी स्क्रैप सेंटर खोले जाने के लिए आवेदन मांगे थे, लेकिन बेपरवाह परिवहन विभाग के अधिकारियों …

लखनऊ। अनफिट के साथ ही कबाड़ वाहनों को रोड से हटाने के लिए देश भर में स्क्रैप पॉलिसी लागू कर दी गई है। इसी व्यवसथा के तहत प्रदेश के विभिन्न शहरों में स्क्रैप सेंटर खोले जाने हैं। राजधानी में भी स्क्रैप सेंटर खोले जाने के लिए आवेदन मांगे थे, लेकिन बेपरवाह परिवहन विभाग के अधिकारियों को यह नहीं पता कि इसके लिए लोगों ने आवेदन किया है या नहीं।

यह हाल तब है जब स्क्रैप सेंटर के लिए तकरीबन एक महीने पहले ऑनलाइन आवेदन मांगे गए थे। विभागीय अधिकारियों के अनुसार जल्द ही इस मामले में आगे कदम बढ़ाया जाएगा। इस मामले में बैठक कर जानकारी की जाएगी। विभागीय अधिकारियों के अनुसार अपर परिवहन आयुक्त आईटी के आदेशानुसार पिछले महीने 18 फरवरी को स्क्रैप सेंटर खोले जाने के लिए सूचना जारी की गई थी। इसमें स्पष्ट किया गया था कि यान स्क्रैपिंग सुविधा और कार्य के लिए जो कोई भी स्क्रैप सेंटर खोलना चाहता है वह परिवहन विभाग की दी गई वेबसाइट पर आवेदन कर सकता है। उसके लिए सिंगल विंडो की व्यवस्था दी गई।

इस सेंटर पर ऐसे वाहनों को लाया जाना था जिनके रजिस्ट्रीकरण प्रमाण पत्र का नवीनीकरण न हो, फिटनेस न हो, दंगा, प्राकृतिक आपदा, दुर्घटना या किसी अन्य आपदा के चलते कोई वाहन निष्प्रयोज्य हो गया हो। सरकारी निष्प्रयोज्य वाहनों को भी ऐसे सेंटरों पर भेजा जाना तय किया गया है।

स्क्रैप सेंटर खोलने के लिए विभागीय अधिकारी कितना जागरुक है, इसका अंदाजा इस बात से ही लगाया जा सकता है कि अभी तक यह नहीं पता चल सका है कि इसके लिए लोगों ने आवेदन किया है या नहीं। आवेदन किया है तो वह नियमों के अनुरूप है या दोबारा आवेदन मांगे जाएंगे। आवेदन लिए जाने की अंतिम तिथि के बारे में भी विभागीय अधिकारियाें को कोई जानकारी नहीं है।

स्क्रैप सेंटर खोले जाने के लिए आवेदन मांगे गए थे। इसके लिए नियम और शर्तें भी दी गई है। यह राजधानी में कहां पर खोले जाएंगे, आवेदनों के आ जाने के बाद यह तय होगा। इस मामले में जल्द ही बैठक की जाएगी।

धीरज साहू, परिवहन आयुक्त, उत्तर प्रदेश

रजिस्ट्रेशन रद्द कराने को नहीं लगाने होंगे आरटीओ कार्यालय के चक्कर

स्क्रैप सेंटर खुलने की जानकारी होने के बाद से वाहन मालिक आरटीओ कार्यायल से लेकर परिवहन विभाग के चक्कर लगा रहे हैं। पुराने वाहन मालिकाें के अनुसार हमारे पास कई वर्षों से ऐसे वाहन मौजूद है जो कबाड़ हो चुके हैं। शहर में कबाड़ व्यवसाई इनकी उचित कीमत नहीं दे रहे हैं। ऐसे में हमें स्क्रैप सेंटर से खासी उम्मीदें हैं। साथ ही इन वाहनों का रजिस्ट्रेशन रद्द कराने के लिए हमें आरटीओ कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने होंगे।

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