सीतापुर: बैंकमित्र की हत्या कर हुई लूट का पुलिस ने किया खुलासा, मुठभेड़ के दौरान दो शातिर गिरफ्तार

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सीतापुर। करीब सोलह दिन पूर्व एक बैंकमित्र की कैश लूट के दौरान बेखौफ बदमाशों द्वारा की गई हत्या का सोमवार को पुलिस ने खुलासा कर दिया। पुलिस का दावा है कि अंतर जनपदीय गिरोह के दो बदमाशों को मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार किया गया है। बदमाशों ने घेराबंदी के दौरान पुलिस टीम को भी निशाना …

सीतापुर। करीब सोलह दिन पूर्व एक बैंकमित्र की कैश लूट के दौरान बेखौफ बदमाशों द्वारा की गई हत्या का सोमवार को पुलिस ने खुलासा कर दिया। पुलिस का दावा है कि अंतर जनपदीय गिरोह के दो बदमाशों को मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार किया गया है। बदमाशों ने घेराबंदी के दौरान पुलिस टीम को भी निशाना बनाते हुए फायिरंग की, लेकिन अपना बचाव करते हुए जवाबी फायरिंग के बाद पुलिस ने दो शातिरों को गिरफ्तार किया है।

पुलिस की गोली से दोनों बदमाश जख्मी हुए हैं। उनको इलाज के लिए भर्ती कराया गया है। दोनों बदमाशों के पास से पुलिस ने नकदी, दस्तावेज, घटना में इस्तेमाल की गई बाइक, दो तमंचे, आठ कारतूस बरामद की है। दरअसल रामपुर कलां इलाके के बरमबाबा पुरवा मजरा सरसा खुर्द गांव निवासी बैंकमित्र चौबीस वर्षीय अंबुज वर्मा पुत्र महेश चंद्र बिसवां क्षेत्र के इटिया शहीद चौराहे पर बीसी प्वाइंट चलाता था। पांच मार्च को वह घर से कैश लेकर अपने भाई अरूण वर्मा के साथ घर से निकला था।

जिसके बाद रामपुर कलां इलाकेमें अमझला कुतुबपुर मजरा पचहत्तरपुर गांव के करीब नकाबपोश बाइक सवार दो बदमाशों ने दोनों भाइयों को बाइक आगे लगा कर रोक लिया था। जिसके बाद बैंकमित्र से बदमाशों ने लूटपाट शुरू कर दी थी। जब बैंकमित्र व उसके भाई ने लूट का विरोध किया था तो बदमाशों ने बैंकमित्र को गोली मार दी थी और उसका कैश से भरा बैग लूटकर भाग निकले थे। गोली से जख्मी बैंकमित्र को इलाज के लिए लखनऊ भेजा गया था, जहां उसी दिन उसकी मौत हो गई थी।

दावा किया गया था कि बदमाशों ने बैंकमित्र की हत्या कर करीब दो लाख कैश लूट ले गए, लेकिन पुलिस एक लाख से कम कैश लूट की बात कर रही थी। इस सनसनीखेज वारदात के बाद पुलिस ने केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू की। जिसके करीब 16 दिन बाद पुलिस बदमाशों को मुठभेड़ में गिरफ्तार कर पाई। एएसपी एनपी सिंह ने बताया कि रामपुर कलां, स्वाट, सर्विलांस की संयुक्त पुलिस टीम ने भज्जूपुर चौड़िया बेहड़ तिराहे के पास चेकिंग के दौरान दो लोगों को रोकने की कोशिश की। इस पर बाइक सवार लोगों ने पुलिस फायरिंग कर दी। पुलिस ने खुद को बचाते हुए जवाबी फायरिंग की, जिसमें दो बदमाश जख्मी हुए।

उनकी पहचान हरदोई के शाहाबाद पटखाना के मूल निवासी व हालपता लखनऊ के काकोरी इलाकेके दुबग्गा मछलीमंडी निवासी प्रदीप उर्फ सोनू पुत्र स्वर्गीय श्यामनाथ बारी व बहराईच के कैसरगंज इलाके के कंदैला निवासी मोहम्मद शरीफ उर्फ बाबू पुत्र अब्दुल सत्तार के रूप में पहचान हुई। एएसपी ने बताया कि दोनों ने घटना करने की बात कबूली है। उनके पास से घटना से सम्बन्धित नगदी, कागजात, घटना में प्रयुक्त मोटर साइकिल, दो अवैध तमंचा व आठ कारतूस बरामद की गई है। जख्मी बदमाशों को इलाज के लिए भर्ती कराया गया है। उनका कहना है कि आरोपियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।

घटना में ढुलमुल रवैयाए अपनाए थी पुलिस, आज किया खुलासा

हत्या के बाद लूट की जिस सनसनीखेज वारदात का पुलिस आज सीना चौड़ा कर खुलासा करने का दावा कर रही है। उसी मामले को पुलिस घटना के बाद दबाने में जुटी हुई नजर आ रही थी। वारदात के बाद खुद एएसपी एनपी सिंह भी प्रकरण पर बोलते हुए ढुलमुल रवैया अपनाए हुए थे। उन्होंने तब पूछने पर कहा था कि हाट-टॉक हुई है। जिसके बाद अंबुज को गोली मारी गई। उस दिन एएसपी खुले तौर पर कैश लूट की बात स्वीकारने को तैयार नहीं थे। हालांकि आज उन्होंने बदमाशों के मुठभेड़ में पकड़े जाने के बाद वीडियो जारी कर अपना बयान दिया है। लेकिन पूरे वीडियो में उन्होंने बैंकमित्र की मौत, गोली मार कर हत्या जैसी बात का जिक्र जरा भी नहीं किया।

तो जंग खाए तमंचे से बदमाश करते थे लूट?

पुलिस के दावे के मुताबिक रामपुर कलां में बैंकमित्र की हत्या कर हुई लूट की वारदात में शामिल और अब मुठभेड़ में पकड़े गए बदमाश बेहद शातिर हैं। दोनों ने पुलिस, स्वाट व सर्विलांस टीम पर फायरिंग की। जिसके बदले में पुलिस ने फायरिंग कर दोनों को जख्मी कर दिया और पकड़ लिया, लेकिन बदमाशों के शातिर होने और न होने के बीच पुलिस द्वारा जारी किया गया एक फोटो पुलिस के दावों पर कुछ सवाल खड़े कर रहा है।

पुलिस द्वारा जारी फोटो में एक बदमाश पीले रंग की शर्ट व जींस पहने खेत में पड़ा दिख रहा है। उसके पैर में गोली लगी है। उसके एक हाथ में तमंचा भी है। लेकिन उस बदमाश के हाथ में मौजूद तमंचा जंग खाया हुआ है। बारह बोर का प्रतीत हो रहा तमंचा ऐसा लगता है कि उसको बनने के बाद कभी पकड़ा ही न गया हो? ऐसे वक्त में जब बदमाश बेहद हाईटेक हो रहे हों, तब लूट व हत्या जैसी वारदात अंजाम देने वाला बदमाश जंग खाया असलहा रखेगा है? इस पर लोग सवाल उठा रहे हैं।

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