बाराबंकी: नोएडा की तर्ज पर विकसित होगा औद्योगिक गलियारा, शुरू हुआ चिन्हांकन, किसानों ने जताया विरोध
बाराबंकी। हैदरगढ़ कस्बे से करीब तीन किलोमीटर दूरी पर स्थित लखनऊ सुल्तानपुर हाईवे पर नोएडा की तर्ज पर औद्योगिक गलियारा विकसित किया जाएगा। इसके लिए मंगलवार को चिन्हांकन प्रारंभ हुआ। हैदरगढ़ कस्बे से करीब डेढ़ किलोमीटर अंदर यूपीडा ने भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई शुरू कर दी है। औद्योगिक क्षेत्र के लिए बाराबंकी के लगभग 2000 …
बाराबंकी। हैदरगढ़ कस्बे से करीब तीन किलोमीटर दूरी पर स्थित लखनऊ सुल्तानपुर हाईवे पर नोएडा की तर्ज पर औद्योगिक गलियारा विकसित किया जाएगा। इसके लिए मंगलवार को चिन्हांकन प्रारंभ हुआ। हैदरगढ़ कस्बे से करीब डेढ़ किलोमीटर अंदर यूपीडा ने भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई शुरू कर दी है। औद्योगिक क्षेत्र के लिए बाराबंकी के लगभग 2000 और अमेठी के लगभग 800 किसानों की जमीन ली जानी है।
लोगों का मानना है कि औद्योगिक क्षेत्र से किसानों में व क्षेत्रों के लोगों में खुशहाली आएगी और लोग अपनी भूमि देकर 4 गुना रुपये सरकार से लेकर मालामाल हो जाएंगे। इस औद्योगिक क्षेत्र के बन जाने से युवाओं को रोजगार के भी लिए बाहर शहर नहीं जाना पड़ेगा, बल्कि हैदरगढ़ में ही उन्हें रोजगार मिल जाएगा। खरसतिया, गोसुपुर, भिखरा करीब एक हजार किसानों की भूमि की पैमाइश हुई है, जिसमें गोसुपुर , भिखरा, खरसतिया के अधिकांश किसान अपनी जमीन देकर सरकार व यूपीडा को देकर औद्योगिक क्षेत्र बनाने के लिए राजी हैं ।
कुछ किसान चाहते हैं कि औद्योगिक क्षेत्र यहां न बनाया जाए उसके लिए उन्होंने सीमांकन प्रारंभ होते ही उप जिलाधिकारी हैदरगढ़ शालिनी प्रभाकर से मिलकर विरोध जताया है। मंगलवार को दो दर्जन किसान इस संदर्भ में उपजिलाधिकारी हैदर गढ़ से मिले और औद्योगिक क्षेत्र नहीं बनाने जाने के लिए उन्हें ज्ञापन सौंपा। जिस पर उपजिलाधिकारी ने उन्हें समझाया कि यह क्षेत्र औद्योगिक बन जाएगा तो आपको जमीन देने के एवज में 4 गुना रुपये सरकार से मिलेंगे, साथ ही रोजगार के लिए अवसर मिलेंगे और युवाओं को नौकरी आदि करने के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा।
औद्योगिक क्षेत्र में ही सारी कंपनियां आकर अपना कार्य करने लगेगी। औद्योगिक क्षेत्र बनने से तमाम रोजगार के द्वार खुल जाएंगे लेकिन किसान नहीं माने। फिर उप जिलाधिकारी ने उन्हें आश्वासन दिया कि इस समस्या के हल के लिए यूपीडा के अधिकारियों व आप लोग और मैं स्वयं एक मीटिंग करेंगे । उस मीटिंग में यह फैसला लिया जाएगा कि कितने किसान अपनी जमीन देने के लिए राजी हैं कितने नहीं। जिसकी बहुमत होगी उसी के आधार पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
ज्ञापन देने वालों में प्रमुख रूप से भिखरा प्रधान प्रतिनिधि नीरज सिंह ,प्रदीप सिंह, रोहित सिंह, रामकिशोर ,चंद्रजीत यादव, दिलीप सिंह ,यूपी सिंह आदि दो दर्जन लोग शामिल रहे। जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि राम भीख त्रिवेदी का कहना है कि हमारे यहां औद्योगिक क्षेत्र बनाया जाए हम लोग अपनी जमीन देने के लिए तैयार इससे क्षेत्र का विकास होगा और लोग खुशहाल होंगे।
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