अयोध्या: प्रशासनिक अधिकारियों की सूझबूझ से टला मूर्ति हटाने का विवाद, जानें पूरा मामला
अयोध्या। अयोध्या कोतवाली के रानोपाली चौकी क्षेत्र में मंगलवार को शहर के समाजसेवी मित्रमंच प्रमुख द्वारा स्थापित देवकाली बाईपास के पास रखी देवस्थान की मूर्ति हटाने को लेकर विवाद हो गया। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने बड़ी सूझबूझ से मामले को शांत कराकर मूर्ति को पुनर्स्थापित करा दिया। शहर …
अयोध्या। अयोध्या कोतवाली के रानोपाली चौकी क्षेत्र में मंगलवार को शहर के समाजसेवी मित्रमंच प्रमुख द्वारा स्थापित देवकाली बाईपास के पास रखी देवस्थान की मूर्ति हटाने को लेकर विवाद हो गया। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने बड़ी सूझबूझ से मामले को शांत कराकर मूर्ति को पुनर्स्थापित करा दिया।
शहर के समाजसेवी मित्रमंच के प्रमुख शरद पाठक बाबा द्वारा देवकाली बाईपास के पास स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा ऑफिस के पीछे मुख्य मार्ग के बगल वर्ष 2005 में प्राचीन पीपल के वृक्ष के नीचे महाबली हनुमान जी महाराज व वर्ष 2016 में महामाया भगवती मां पीताम्बर देवी व भगवान शंकर की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा विधि विधान से अयोध्या धाम के प्रमुख संतो की उपस्थिति में कराई गई थी।
मंगलवार को जब उन्होंने देखा कि वहां से भगवान की मूर्तियां हटा कर अलग रख दी गई तो उन्होंने इसकी सूचना जिले के एसएसपी शैलेष पांडेय को फ़ोन पर दी। देखते देखते सैकडों की तादात में लोग पहुंच गए। बढ़ती भीड़ को देखते हुए चौकी इंचार्ज रानोपाली अरविंद कुमार सिंह,देवकाली चौकी इंचार्ज सुनील कुमार यादव ने मामले की गंभीरता को समझते हुए इसकी सूचना वरिष्ठ अधिकारियों को दी। अधिकरियों ने मूर्ति को पुनर्स्थापित करा कर मामला तात्कालिक रूप से शांत करा दिया है। एसडीएम सदर ने जांच करके मामले की रिपोर्ट देने की बात कही है।
यह भी पढ़ें:-हरदोई: मारपीट व गैर इरादतन हत्या के मामले में दोनों पक्षों को मिली सजा
