मुरादाबाद : पुरानी किताबों से पढ़ेंगे छात्र-छात्राएं

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

मुरादाबाद,अमृत विचार। प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की योगी टू सरकार का फरमान बेसिक शिक्षा परिषद के प्रदेश में पढ़ने वाले करोड़ों विद्यार्थियों को मानना होगा। एक अप्रैल से नये सत्र में नई कक्षा में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों का विद्यारंभ पुरानी किताबों से होगा। इसके लिए शिक्षा निदेशक ने सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों …

मुरादाबाद,अमृत विचार। प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की योगी टू सरकार का फरमान बेसिक शिक्षा परिषद के प्रदेश में पढ़ने वाले करोड़ों विद्यार्थियों को मानना होगा। एक अप्रैल से नये सत्र में नई कक्षा में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों का विद्यारंभ पुरानी किताबों से होगा। इसके लिए शिक्षा निदेशक ने सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को आदेश जारी कर पुरानी किताबों को जमा कराने में जुटने को कहा है।

शिक्षा निदेशक (बेसिक) डॉ. सर्वेंद्र विक्रम सिंह ने एक अप्रैल से प्रांरभ हो रहे नवीन शैक्षिक सत्र 2022-23 में परिषदीय स्कूलों में नई कक्षा में दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों को नवीन पुस्तक उपलब्ध होने तक पुरानी किताबों से पढ़ाने के लिए पहले के सत्र के विद्यार्थियों से उन किताबों को जमा कराने का फरमान दिया है। इसके पीछे तर्क दिया गया कि कि सत्र 2021-22 में भी पाठ्यपुस्तकों के मुद्रण, प्रकाशन में विलंब हुआ था।

ऊपर से कोविड संक्रमण के चलते किताबें देर से बंटी थीं ऐसे में कक्षा एक से आठ तक के विद्यार्थियों से यह पुस्तकें जमा करा ली जाएं। क्योंकि इस बार भी नई किताबों के छपाई में अपरिहार्य कारणों से विलंब हो रहा है। ऐसे में पढ़ाई शुरू कराने के लिए पिछली कक्षाओं के विद्यार्थियों से यह किताबें जमा कराकर नये सत्र के विद्यार्थियों में निशुल्क वितरित कराएं।

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी बुद्धप्रिय सिंह का कहना है कि शासन की मंशा के अनुसार शिक्षा निदेशक बेसिक शिक्षा के आदेश के क्रम में सभी खंड शिक्षाधिकारियों और प्रधानाध्यापकों को पुराने विद्यार्थियों से विषयवार किताबों को जमा कराने और नये सत्र में एक अप्रैल से अगली कक्षा के विद्यार्थियों को बांटने का निर्देश दिया है।

इस सत्र में भी बैग-यूनिफॉर्म की राशि खातों में जाएगी
बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को स्कूल बैग, ड्रेस, जूता-मोजा, स्वेटर आदि खरीद के लिए इस बार भी सरकार डीबीटी (डायरेक्ट टू बेनिफिट) के जरिए सीधे अभिभावकों के खाते में राशि भेजेगी। इस बार शर्त है कि जिन अभिभावकों ने वर्तमान सत्र में इसके लिए मिले 1100 रुपये से अपने पाल्यों के लिए सामग्री खरीदी है, उन्हें ही राशि दी जाएगी। शैक्षिक सत्र 2021-22 में पहली बार प्रदेश सरकार ने अपने स्तर से खरीद कर निशुल्क स्कूल बैग, ड्रेस, जूता-मोजा, स्वेटर छात्र-छात्राओं को वितरित करने के बजाए प्रेरणा पोर्टल और डीबीटी पोर्टल पर दर्ज आधार कार्ड से लिंक अभिभावकों के खाते में सीधे 1100 रुपये भेज दी थी। इससे दो जोड़ी ड्रेस और अन्य सहायक पाठ्य सामग्री का क्रय शिक्षक अभिभावक प्रबंध समिति की निगरानी में क्रय करनी थी। इसका प्रमाण पत्र भी एक निर्धारित प्रोफार्मा पर भरकर प्रधानाध्यापक के माध्यम से शिक्षाधिकारियों को देना था। इस बार भी प्रदेश सरकार यही तरीका अपना रही है। वह सीधे इसके लिए डीबीटी के माध्यम से अभिभावकों के खाते में राशि अंतरित करेगी। बशर्ते इसमें उन अभिभावकों को प्राथमिकता मिलेगी, जिन्होंने पिछली दफा मिली राशि से सामग्री क्रय की है।

जिला बेसिक शिक्षाधिकारी बुद्ध प्रिय सिंह का कहना है कि शासन के प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा विभाग दीपक कुमार द्वारा जारी आदेश मिला है। इसके क्रम में कक्षा एक से आठ तक के छात्र-छात्राओं के अभिभावकों के खाते में राशि हस्तांतरित की जाएगी। इसके लिए 20 मई तक नये सत्र में नामांकित छात्र-छात्राओं को प्रेरणा पोर्टल पर पंजीकृत कराया जाएगा। जो पहले से पंजीकृत हैं, उनका नवीनीकरण किया जाएगा।

ये भी पढ़ें : मुरादाबाद : शपथ ग्रहण समारोह में पीतल से बना राम मंदिर बिखेरेगा चमक, तैयारियों में जुटे कारोबारी

संबंधित समाचार