मुरादाबाद : उपभोक्ता फोरम ने एमडीए व सचिव पर लगाया 50 हजार का जुर्माना
मुरादाबाद, अमृत विचार। आवंटी द्वारा 10 साल पहले पूरी रकम जमा करने के बाद भी आवंटित भूखंड का विक्रय पत्र पंजीकरण न करने पर जिला उपभोक्ता फोरम ने मुरादाबाद विकास प्राधिकरण और सचिव को सेवाओं में कमी तथा लापरवाही का दोषी मानते हुए 50 हज़ार का जुर्माना लगाया है। जनपद संभल के सराय तरीन निवासी …
मुरादाबाद, अमृत विचार। आवंटी द्वारा 10 साल पहले पूरी रकम जमा करने के बाद भी आवंटित भूखंड का विक्रय पत्र पंजीकरण न करने पर जिला उपभोक्ता फोरम ने मुरादाबाद विकास प्राधिकरण और सचिव को सेवाओं में कमी तथा लापरवाही का दोषी मानते हुए 50 हज़ार का जुर्माना लगाया है।
जनपद संभल के सराय तरीन निवासी देवेंद्र वार्ष्णेय एडवोकेट की पत्नी अंजू वासवाड़ा ने साल 2003 में मुरादाबाद विकास प्राधिकरण द्वारा बनाई गई नया मुरादाबाद आवासीय योजना में भूखंड क्रय करने को आवेदन किया था। जिस पर एमडीए ने अंजू वार्ष्णेय को 3 जून 2003 को नया मुरादाबाद के सेक्टर 12 में भूखंड आवंटित कर दिया था।
आवंटन पत्र में दी गई अवधि के मुताबिक आवंटी द्वारा धनराशि की अंतिम किस्त साल 2007 के मार्च महीने में जमा कर दी थी। लेकिन पूरी रकम जमा करने के बावजूद भी प्राधिकरण द्वारा भूखंड का विक्रय पत्र पंजीकृत नहीं कराया गया। आवंटी द्वारा कई बार एमडीए कार्यालय के चक्कर लगाए गए, लेकिन उसे हर बार यह कह कर टाल दिया गया कि उससे संबंधित पत्रावाली कहीं खो गई है।
जिसके बाद आवंटी अंजू वार्ष्णेय ने जिला उपभोक्ता फोरम संभल के समक्ष शिकायत की। काफी दिनों तक चले मामले के बाद मंगलवार को जिला उपभोक्ता फोरम संभलने मुरादाबाद विकास प्राधिकरण और सचिव को इस मामले में दोषी मानते हुए दो माह के अंदर बतौर क्षतिपूर्ति 50 हज़ार व वाद व्यय के रूप में 10 हज़ार आवंटी को अदा करने का आदेश दिया है।
ये भी पढ़ें:- मुरादाबाद : संदिग्ध परिस्थिति में शिक्षक ने की खुदकुशी, परिजनों ने जताई हत्या की आशंका
