लखीमपुर-खीरी: कोरोना के चलते 9वीं और 11वीं की परीक्षाएं न होने का छात्राओं को मलाल
लखीमपुर-खीरी, अमृत विचार। बीते दो साल से कोरोना की मार के चलते बन्द रहे स्कूलों के बच्चों के अंदर परीक्षा न दे पाने का मलाल साफ दिखाई दे रहा है। बच्चों को भले ही प्रमोट करते हुए अगली कक्षा में प्रवेश दे दिया गया हो लेकिन वे निराश हैं। उनका कहना था कि यदि परीक्षा …
लखीमपुर-खीरी, अमृत विचार। बीते दो साल से कोरोना की मार के चलते बन्द रहे स्कूलों के बच्चों के अंदर परीक्षा न दे पाने का मलाल साफ दिखाई दे रहा है। बच्चों को भले ही प्रमोट करते हुए अगली कक्षा में प्रवेश दे दिया गया हो लेकिन वे निराश हैं। उनका कहना था कि यदि परीक्षा होती हो तो ज्यादा अंक हासिल कर सकते थे।
प्रतिभाशाली बच्चों के लिए परीक्षा का कोई विकल्प नहीं हो सकता। सनातन धर्म बालिका मंदिर की छात्राओं ने बताया कि आज मिले प्रोग्रेस रिपोर्ट के बाद अब आगामी क्लास की तैयारी शुरू कर दी है। शुक्रवार को सनातन धर्म बालिका विद्या मंदिर में परीक्षाफल वितरण हुआ जिसमें बालिकाओं को उनकी प्रोग्रेस रिपोर्ट दी गयी।
कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच विद्यालय बंद कर दिए गए थे। हालांकि ऑनलाइन क्लासेज जारी थीं। बच्चे परीक्षा न दे पाने के चलते परेशान थे, सभी को आगामी कक्षा में प्रमोट कर दिया गया था। सबसे ज्यादा नुकसान मेधावी बच्चों का हुआ। जो छात्राएं करीब 80 फीसदी से ज्यादा अंकों की उम्मीद लगाये थे।
उन्हें 70 प्रतिशत से कम अंकों में संतोष करना पड़ा। कक्षा 9 से प्रमोट होकर दसवीं और 11वीं में पहुंचने वाली छात्राओं से उनकी अगली कक्षा में बेहतर प्रदर्शन करते हुए अच्छे अंकों से पास होने की लालसा और जज्बा लेकर पढ़ाई कर रही हैं। सभी छात्राओं ने कहा कि होने वाली बोर्ड परीक्षा में अपना बेस्ट देकर कॉलेज का नाम रोशन करेंगी। रही हूँ और कॉलेज में भी रोज पढ़ाई के लिए आ रही हैं।
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