हरदोई: प्रधान और उसके करीबियों को फंसाने के लिये चचेरे भाइयों ने कराई थी बाल गोविन्द की हत्या, पुलिस ने किया खुलासा

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हरदोई। कोटा छिन जाने से तमतमाए कोटेदार ने प्रधान और उसके करीबियों को फंसाने के लिए 20 हज़ार रुपए की लालच देकर चचेरे भाइयों ने ही अपने चचेरे भाई की हत्या का ताना-बाना बुना था। एसपी राजेश द्विवेदी ने सण्डीला कोतवाली के जलालपुर गांव में की गई बाल गोविन्द की हत्या का खुलासा किया है। …

हरदोई। कोटा छिन जाने से तमतमाए कोटेदार ने प्रधान और उसके करीबियों को फंसाने के लिए 20 हज़ार रुपए की लालच देकर चचेरे भाइयों ने ही अपने चचेरे भाई की हत्या का ताना-बाना बुना था। एसपी राजेश द्विवेदी ने सण्डीला कोतवाली के जलालपुर गांव में की गई बाल गोविन्द की हत्या का खुलासा किया है। एसपी राजेश द्विवेदी ने मीडिया के सामने बताया कि 16 मार्च की देर रात जलालपुर निवासी बाल गोविन्द की घर के बाहर सोते हुए धारदार हथियार से हत्या कर दी गई थी।

बाल गोविन्द के भाई रामचंद्र ने अगले दिन प्रधान अभिजीत कुमार, गंगाराम, सियाराम व अमित के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके बाद से ही सण्डीला पुलिस के अलावा एसओजी, सर्विलांस व स्वाट टीम खुलासे के लिए गहराई से छानबीन करने लगी थी। छानबीन के दौरान इस बात का सुराग लगा कि बाल गोविन्द की हत्या में उसका कोई करीबी जरूर शामिल रहा होगा। इसके बाद तमाम पहलुओं पर जांच-पड़ताल की जाने लगी।

पुख्ता जानकारी हाथ लगते ही सण्डीला पुलिस ने एसओजी, सर्विलांस व स्वाट टीम ने घेराबंदी करते हुए शनिवार को उन्नाव रोड पर ईंट-भट्ठे के पास से होरीलाल और जगदीश को दबोच लिया। पूछताछ में दोनों ने कुबूल किया कि बाल गोविन्द के चचेरे भाइयों विमल त्रिवेदी व ललित त्रिवेदी ने 20 हज़ार रुपए की लालच देकर हत्या को अंजाम तक पहुंचाया था। चचेरे भाइयों के नाम सामने आते ही हरकत में आई पुलिस ने आनन-फानन में विमल व ललित को जलालपुर में मस्जिद की मोड़ से गिरफ्तार कर लिया गया। एसपी राजेश द्विवेदी ने बताया है कि विमल कोटेदार था।

सियाराम ने उसके खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत मार-पीट की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। विमल प्रधान बनने का ख्वाब देख रहा था। विमल के हाथ से कोटा चला गया और प्रधानी अभिजीत के पास चली गई। गंगाराम और अमित दोनों प्रधान अभिजीत के बेहद करीबी है। साजिश के तहत होरीलाल व जगदीश को रुपयों का लालच दिया गया ताकि प्रधान और उसके करीबियों को फंसा कर कोटा और प्रधानी दोनों पर कब्ज़ा किया जा सके। ‘सांप भी मर जाए और लाठी भी न टूटे’।

इसी कहावत के चलते होरीलाल व जगदीश को लालच देते हुए साजिश का ताना-बाना बुना गया। एसपी ने आगे बताया है कि बाल गोविन्द के ऊपर बांके से वार किया गया था। बांका ललित अपने घर से लाया था। वारदात के बाद जगदीश उसे अपने घर उठा ले गया था। पुलिस ने जगदीश के घर से बांका बरामद कर लिया है। खुलासा करने वाली टीम में सण्डीला कोतवाली के एसएचओ वेणी माधव त्रिपाठी,एसओजी प्रभारी वर्मा रमेश सिंह, सर्विलांस/ स्वाट टीम प्रभारी प्रेमसागर सिंह,एसआई रजनीश त्रिपाठी,हेड कांस्टेबिल राकेश सिंह और कांस्टेबिल सुधांशु शामिल रहे।

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