अयोध्या में औंधे मुंह गिरी ‘मनरेगा’, अफसरों की उड़ी हवाइयां
अयोध्या। महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) अयोध्या जिले में ही औंधे मुंह गिर पड़ी है। शासन प्रशासन के सौ दिन का रोजगार देने की गारंटी की ऐसी हवा निकली कि अब अफसरों की हवाइयां उड़ रही हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि वित्तीय वर्ष समाप्त होने में महज चार दिन बचे हैं …
अयोध्या। महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) अयोध्या जिले में ही औंधे मुंह गिर पड़ी है। शासन प्रशासन के सौ दिन का रोजगार देने की गारंटी की ऐसी हवा निकली कि अब अफसरों की हवाइयां उड़ रही हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि वित्तीय वर्ष समाप्त होने में महज चार दिन बचे हैं ऐसे में निर्धारित लक्ष्य के बचे 67,181 परिवारों को काम दे पाना मुमकिन ही नहीं है।
मनरेगा में सौ दिन का रोजगार देने की गारंटी पूरी नहीं हो पा रही है। इस बार 31 मार्च तक 76,696 परिवारों को सौ दिन का रोजगार देने का लक्ष्य था, लेकिन अभी तक 50 फीसदी भी प्रगति नहीं हो सकी है। विभागीय प्रगति आंकड़ों के मुताबिक अब तक मात्र 9518 परिवार ही सौ दिन का काम पा सके हैं।
अफसरों की मानें तो विधानसभा चुनाव के चलते प्रगति धीमी रही। विभाग तर्क दे रहा है कि काम करने के लिए मजदूर ही घरों से कम निकले। जिले में 11 विकास खंड हैं। इनकी ग्राम पंचायतों में मनरेगा लागू है। गांव के लोगों को गांव में ही रोजगार देने का मनरेगा अहम जरिया है।
इस वित्तीय वर्ष में मनरेगा के तहत अधिक से अधिक परिवारों को सौ दिन का रोजगार देने का जो लक्ष्य बनाया गया था वह हवाहवाई साबित हो रहा है। वित्तीय वर्ष समाप्त होने में कुछ दिन ही शेष हैं। ऐसे में लक्ष्य पूरा होना तो दूर आधा भी होने के आसार नहीं दिख रहे हैं। इसकी वजह प्रधानों, सचिवों की लापरवाह कार्यप्रणाली मानी जा रही है।
मनरेगा में निर्धारित लक्ष्य चुनावी व्यस्तता के कारण प्रभावित हुआ है। निश्चित रूप से वित्तीय वर्ष समाप्त होने से पूर्व लक्ष्य पूरा होना चाहिए था। इसके लिए जो जिम्मेदार होगा कार्रवाई की जाएगी।
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