मुरादाबाद : हेलमेट लगाना अपनी शान के खिलाफ समझते हैं शहर के बाइक सवार, सड़क दुर्घटना के कारण हर साल बढ़ रहा मौत का ग्राफ

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सौरभ सिंह/अमृत विचार। वाहन चलाते समय हेलमेट लगाना या सीट बेल्ट का इस्तेमाल करना लोग अपनी शान के खिलाफ समझते हैं। ट्रैफिक पुलिस के एक आंकलन के मुताबिक शहर में महज 22 फीसदी बाइक सवार ही हेलमेट लगा रहे हैं। वहीं सीट बेल्ट लगाकर कार चलाने वालों की संख्या इससे भी कम महज 17 फीसदी …

सौरभ सिंह/अमृत विचार। वाहन चलाते समय हेलमेट लगाना या सीट बेल्ट का इस्तेमाल करना लोग अपनी शान के खिलाफ समझते हैं। ट्रैफिक पुलिस के एक आंकलन के मुताबिक शहर में महज 22 फीसदी बाइक सवार ही हेलमेट लगा रहे हैं। वहीं सीट बेल्ट लगाकर कार चलाने वालों की संख्या इससे भी कम महज 17 फीसदी है। वाहन चालकों की इस लापरवाही की वजह से सड़क हादसों में मौत का ग्राफ भी हर साल बढ़ रहा है। यह स्थिति उस समय है जब सड़क हादसे और इसमें होने वाली मौतों को लेकर देश में बड़ी बहस चल रही है।

खुद केंद्रीय सड़क परिवहन और जहाजरानी मंत्री नितिन गडकरी इस मुद्दे पर लोकसभा में चिंता जता चुके हैं। उन्होंने कहा है कि खून की जरूरत देश की सड़कों को नहीं, देश की सीमाओं को है। हालात को देखते हुए जिला स्तर पर सड़क सुरक्षा के लिए स्थानीय सांसद की निगरानी में और जिलाधिकारी की अध्यक्षता में विशेष समिति का गठन किया है।

यह समिति जिले में होने वाली हरेक दुर्घटना का अध्ययन करती है। इसमें दुर्घटना के कारणों की समीक्षा कर उसके समाधान के लिए उपाय किया जाता है। ट्रैफिक पुलिस के अधिकारियों के मुताबिक फिलहाल यहां सड़क हादसे में मौत की सबसे बड़ी वजह वाहन चलाते समय सीट बेल्ट व हेलमेट का इस्तेमाल नहीं होना है। इसके लिए समय-समय पर ट्रैफिक पुलिस की ओर से अभियान चलाकर सख्ती भी की जाती है। लेकिन हर बार राजनीतिक और प्रशासनिक दबाव की वजह से अभियान शिथिल पड़ जाता है। उधर, सड़क हादसों की दूसरी सबसे बड़ी वजह रोड इंजीनियरिंग की खामी पायी गई है।

सड़क सुरक्षा माह में होते हैं सर्वाधिक चालान
पुलिस हर साल नवंबर-दिसंबर महीने में परिवहन विभाग के साथ मिलकर सड़क सुरक्षा माह आयोजित करती है। इसमें एक तरफ स्कूल कॉलेजों के अलावा फैक्ट्रियों में जाकर कर्मचारियों को ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरुक किया जाता है, वहीं दूसरी ओर सड़कों पर ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है। पूरे साल में इसी माह के दौरान ही सर्वाधिक चालान होते हैं। इसमें भी सबसे ज्यादा चालान हेलमेट और सीट बेल्ट के ही होते हैं।

बिना हेलमेट वालों की मौत सर्वाधिक
बीते पांच साल के दौरान हुए सड़क हादसों के अध्ययन में सामने आया है कि सर्वाधिक मौत बाइक सवारों की हुई है। इनमें भी उन बाइक सवारों की संख्या ज्यादा है जो बिना हेलमेट के बाइक पर निकले हैं। इसके बाद दूसरा स्थान बिना सीट बेल्ट के कार चलाने या कार की सवारी करने वालों की है। ट्रैफिक पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक बीते एक साल में कुल 524 सड़क हादसे हुए हैं। इन हादसों में कुल 292 लोगों की मौत हुई है। इसी आंकड़े में बताया गया है कि इन मृतकों में 198 लोग बाइक पर सवार थे। इनमें भी ज्यादातर की मौत मौके पर हुई है।

एक नजर में सड़क हादसे
कुल हादसे 524
कुल मौत 292
कुल घायल 401

एक नजर में चालान
बिना हेलमेट 56739
बिना सीट बेल्ट 10699

बिना सीट बेल्ट या बिना हेलमेट के वाहन चलाने पर पुलिस समय-समय पर अभियान तो चलाती है, लेकिन राजनीतिक या प्रशासनिक दबाव में यह अभियान शिथिल पड़ जाता है। फिर भी पुलिस ने बीते एक साल में ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने पर मोटर व्हीकल एक्ट के तहत करीब एक लाख 60 हजार वाहनों के चालान किए हैं। – अशोक कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक (यातायात)

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