अमेरिका में 122 साल बाद बना लिंचिंग के खिलाफ कानून, अब दोषी को 30 साल तक की होगी सजा
वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने भीड़ हत्या कानून पर हस्ताक्षर कर दिए है और अब यह अमेरिका में घृणा अपराध बन गया है। बाइडेन ने मंगलवार को एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, “मैंने अभी-अभी ‘एम्मेट टिल एंटी-लिंचिंग एक्ट’ कानून पर हस्ताक्षर किए हैं, जो कि देश में भीड़ हत्या को एक घृणा अपराध बनाता …
वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने भीड़ हत्या कानून पर हस्ताक्षर कर दिए है और अब यह अमेरिका में घृणा अपराध बन गया है। बाइडेन ने मंगलवार को एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, “मैंने अभी-अभी ‘एम्मेट टिल एंटी-लिंचिंग एक्ट’ कानून पर हस्ताक्षर किए हैं, जो कि देश में भीड़ हत्या को एक घृणा अपराध बनाता है।” उन्होंने कहा कि अमेरिका में नस्लीय नफरत कोई पुरानी समस्या नहीं है, लेकिन यह समस्या लगातार बनी हुई है।
अमेरिका में लिंचिंग के खिलाफ बने इस कानून का नाम एमेट टिल एन्टी लिंचिंग एक्ट (Emmett Till Anti-Lynching Act) रखा गया है। इस नए कानून के तहत अब अमेरिका में अगर किसी व्यक्ति को पीट पीट कर मार डाला जाता है, तो लिंचिंग के दोषी पर अधिकतम 30 साल की जेल का प्रावधान किया गया है।
उल्लेखनीय है कि मीडिया रिपोर्ट के आधार पर अमेरिका में 1882 से 1968 तक 4,743 अल्पसंख्यक अफ्रीकी अमेरिकी लोगों की भीड़ द्वारा हत्या की गई। विधेयक का नाम 14 वर्षीय अफ्रीकी अमेरिकी एम्मेट टिल (Emmett Till) के नाम पर रखा गया है। एमेट टिल पर आरोप लगाया गया कि उसने 1955 में मिसिसिपी प्रांत में एक श्वेत महिला को देख सींटी मारी। इसके बाद श्वेत लोगों के समूह ने उसकी हत्या कर दी थी।
खत्म हुआ 122 साल का इंतजार
अमेरिका में बना यह एन्टी लिंचिंग कानून अपने आप मे बेहद खास है, क्योंकि 122 साल के लंबे इंतजार के बाद वहां लिंचिंग पर कानून बना है। साल 1900 में देश का पहला एन्टी-लिंचिंग बिल नार्थ कैरोलिना से रिपब्लिकन पार्टी के सांसद जॉर्ज हेनरी व्हाइट ने पेश किया, जो उस समय इकलौते अश्वेत सांसद थे। लेकिन, ये बिल कमेटी के आगे ही नहीं बढ़ पाया और गिर गया। तब से अब तक 200 बार अमेरिकी संसद में लिंचिंग के खिलाफ कानून बनाने के लिए बिल लाया गया। लेकिन, हर बार वो या तो संसद के निचले सदन हाउस ऑफ रिप्रेजेन्टेटिव (House of Representative) या फिर अपर हाउस सीनेट (Senate) में गिर गया।
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