अयोध्या: दिसंबर 2023 तक मंदिर के गर्भगृह में विराजेंगे रामलला, प्लिंथ की पहली लेयर का काम लगभग हुआ पूरा
अयोध्या। प्रभु श्रीराम के भक्तों के लिए सुखद खबर आ रही है। अयोध्या में निर्माणाधीन राम मंदिर के 21 फीट ऊंचे प्लिंथ की पहली लेयर का काम लगभग पूरा हो चुका है। सात लेयर में प्लिंथ को ढालने का काम किया जाना है। अगर सब कुछ समय के मुताबिक चलता रहा तो दिसंबर 2023 तक …
अयोध्या। प्रभु श्रीराम के भक्तों के लिए सुखद खबर आ रही है। अयोध्या में निर्माणाधीन राम मंदिर के 21 फीट ऊंचे प्लिंथ की पहली लेयर का काम लगभग पूरा हो चुका है। सात लेयर में प्लिंथ को ढालने का काम किया जाना है। अगर सब कुछ समय के मुताबिक चलता रहा तो दिसंबर 2023 तक रामलला को गर्भगृह में स्थापित कर दिया जाएगा।
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य डॉ.अनिल मिश्र के अनुसार 5 अगस्त 2020 को राम मंदिर के शिलापूजन के बाद से ही मंदिर निर्माण का कार्य शुरू हो गया था। प्लिंथ निर्माण का काम 24 जनवरी को पूजन के साथ शुरू हुआ था। इसमें ग्रेनाइट के पत्थरों का इस्तेमाल किया जा रहा है। प्रतिदिन करीब 80 से 100 पत्थर लगाए जा रहे हैं।
संभावना है कि जून माह तक प्लिंथ का काम पूरा हो जाएगा। ट्रस्ट ने दिसंबर 2023 में रामलला को भव्य गर्भगृह में विराजमान करने का लक्ष्य बना रखा है। गर्भगृह में रामलला के साथ चारों भाई, माता सीता व हनुमान जी को विराजित किया जाएगा। तीन मंजिला मंदिर में दूसरे तल का उपयोग कैसे किया जाना है। इस पर विचार चल रहा है।
मंदिर निर्माण की समीक्षा के लिए होती है हर माह बैठक
राम मंदिर निर्माण को लेकर हर महीने श्रीराम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक अयोध्या में बैठक होती है। पहले दिन की बैठक मंदिर परिसर में व दूसरे दिन की बैठक सर्किट हाउस में आयोजित होती है। मन्दिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र की अगुवाई में होने वाली बैठक में ट्रस्ट के सदस्यों के अलावा मंदिर निर्माण में जुटे एलएंडटी के अधिकारी भी रहते हैं। बैठक के दौरान मंदिर में हुए निर्माणों व और सुविधाजनक कैसे बनाना है। इस पर मंथन किया जाता है।
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