अयोध्या: नवरात्र व रोजा में महंगाई की मार, आसमान छू रहे फलाहार के दाम, आमजन परेशान
अयोध्या। महंगाई की आग में आम ही नहीं खास भी झुलस रहे हैं। आलम यह है कि पर्व व त्योहार मनाना सबके बस की बात नहीं रह गई है। शनिवार से चैत्र नवरात्र का पर्व शुरू हो रहा है। चांद दिखा तो एक माह तक चलने वाले मुस्लिमों के पाक रमजान का भी आगाज 2 …
अयोध्या। महंगाई की आग में आम ही नहीं खास भी झुलस रहे हैं। आलम यह है कि पर्व व त्योहार मनाना सबके बस की बात नहीं रह गई है। शनिवार से चैत्र नवरात्र का पर्व शुरू हो रहा है। चांद दिखा तो एक माह तक चलने वाले मुस्लिमों के पाक रमजान का भी आगाज 2 अप्रैल से हो जाएगा। दोनों ही पर्वों में व्रत रहने की परंपरा है, लेकिन इतनी महंगाई में लोग इस परंपरा को कैसे निभा पाएंगे, जब फलाहार के भाव आसमान छूते जा रहे हों। वहीं रोजा इफ्तार में इस्तेमाल की जाने वाली खाद्य सामग्रियों के दाम भी बेतहाशा बढ़े हैं।
हिंदू धर्म के लोगों के लिए नवरात्र का पर्व बहुत ही मायने रखता है, लेकिन जिस तरह से फलाहार के दामों में वृद्धि हो रही है उसे देखते हुए हर कोई तौबा करने लगा है। यही हाल रमजान को लेकर भी है। दोनों पर्वों को देखते हुए फलों के दाम बढ़ गए हैं। इसमें फुटकर व्यापारी भी मनमर्जी करते हैं। फलों के दाम त्योहार देखकर बढ़ा देते हैं। वहीं ड्राई फ्रूट्स का हाल तो पूछिए मत। वे पहले से ही आम आदमी की पहुंच से काफी दूर हैं। साहबगंज किराना व्यापारी आकाश गुप्ता ने बताया कि ड्राई फ्रूट्स के दाम तो पहले से ही बढ़े हुए हैं। पर्वों से इसका कोई लेना देना नहीं है।
फलों के दाम
फल पहले अब
सेब 160 160 से 240
अंगूर 80 100
केला 50 60
संतरा 80 से 100 100 से 120
अनार 80 100
चीकू 100 में 5 पीस 100 में चार
पपीता 30 50
ड्राई फ्रूट्स के दाम
- काजू 900 से 1000
- बादाम 800 से 900
- किसमिस 320 से 350
- मखाना 800
- अखरोज 800 से 900
- छुहारा 280
- खजूर 150 से 300
- नोट: सभी वस्तुएं रुपये प्रति किलो में है।
थोक मंडी में फलों के दाम अभी स्थिर हैं, लेकिन फुटकर व्यापारी पर्वों व त्योहारों का फायदा उठाकर फलों के दाम बढ़ा देते हैं। इन पर लगाम लगाना जरूरी है…मदन मौर्य, अध्यक्ष, साकेत फल, सब्जी मंडल।
क्या बोले लोग-
वर्तमान में महंगाई आसमान छू रही है। घर का ही नहीं पूरा बजट बिगड़ गया है। व्रत की सामग्री पिछले वर्ष की अपेक्षा दुगुनी-तिगुनी है, कैसे जीवन यापन हो समझ में नहीं आ रहा है…ठाकुर प्रसाद यादव, अयोध्या।
मंहगाई का हाल न पूछिए, जीना मुहाल हो गया है। जिस तरह से खाद्य पदार्थों के दाम बढ़ रहे हैं उससे लगता है भविष्य में दाल रोटी भी नसीब नहीं होगी…कुशाग्र शेखर, रिकाबगंज।
तेजी से बढ़ती महंगाई पर लगाम न लगाई गई तो मध्यम वर्ग का जीवन दूभर हो जाएगा। पेट्रोल डीजल के दामों ने मंहगाई और बढ़ा दी है। चुनाव बाद इसकी आशंका पहले ही व्यक्त की जा रही थी…अभिषेक गुप्ता, साहबगंज।
नवरात्र दो अप्रैल से शुरू हो रहा है। हवन सामाग्री लेने बाजार गया तो दिमाग ही घूम गया। फलों के दाम देखिए अभी और बढ़ेंगे। फलाहार तो अब बस नाम का ही रहेगा। सरकार ठोस कदम उठाए…देवेंद्र, साहबगंज।
यह भी पढ़ें:-अयोध्या: दिसंबर 2023 तक मंदिर के गर्भगृह में विराजेंगे रामलला, प्लिंथ की पहली लेयर का काम लगभग हुआ पूरा
