अयोध्या: कलश स्थापना के साथ नवरात्र की हुई शुरुआत, मंदिरों में उमड़ी भीड़
अयोध्या। चैत्र नवरात्र के पहले दिन अयोध्या के तमाम देवी मंदिरों में सुबह से ही मां के दर्शन को भक्तों का हुजूम उमड़ पड़ा। बड़ी व छोटी देवकाली, पाटेश्वरी व कैंट स्थित मरी माता मंदिर में पहुंचे दर्शनार्थियों का रेला शाम तक जारी रहा। मंदिरों में बजने वाला देवी गीत लोगों को अह्रलादित कर रहा …
अयोध्या। चैत्र नवरात्र के पहले दिन अयोध्या के तमाम देवी मंदिरों में सुबह से ही मां के दर्शन को भक्तों का हुजूम उमड़ पड़ा। बड़ी व छोटी देवकाली, पाटेश्वरी व कैंट स्थित मरी माता मंदिर में पहुंचे दर्शनार्थियों का रेला शाम तक जारी रहा। मंदिरों में बजने वाला देवी गीत लोगों को अह्रलादित कर रहा था। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। घर-घर लोगों ने कलश स्थापित कर व्रत की शुरुआत की।
सुबह 6 बजे से ही दर्शन के लिए मंदिरों में लंबी-लंबी लाइन देखी गई। खास तौर पर महिला श्रद्धालुओं की संख्या अधिक रही। देवकाली मंदिर में पहुंचे भक्तों ने दर्शन करने के बाद पंडितों से अनुष्ठान भी करवाए। कैंट स्थित पाटेश्वरी व मरी माता मंदिर में दर्शनार्थियों की संख्या में शाम को और इजाफा हो गया।
दूधिया रोशनी से जगमगाते मंदिर के निकट हर कोई सेल्फी लेता दिखा। शनिवार से ही हिंदी नव वर्ष नव संवत्सर विक्रम संवत 2079 शुरू हो गया है। सुबह से ही लोग एक दूसरे को हिंदी नव वर्ष की शुभकामनाएं देते रहे।
जन्मभूमि परिसर स्थित रामलला के गर्भगृह में चांदी के कलश को सुबह 7.28 मिनट के विशेष मुहूर्त में चांदी के ही चौकी पर स्थापित किया गया। मुख्य अर्चक सत्येंद्र दास ने बताया कि भव्य आरती उतारी पंचमेवा, फल, पेड़ा प्रसाद रामलला को अर्पित किया गया।
भगवान श्री राम के जन्म स्थान पर बन रहे भव्य मंदिर निर्माण के बीच गर्भगृह स्थल पर लगे श्री राम ध्वज को भी वैदिक आचार्यों के द्वारा मंत्रोच्चारण के बीच बदला गया।
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