अयोध्या: ‘मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन योजना’ पर पड़ी ‘कमीशन’ की काली छाया, पुरस्कार के लिए प्रधान को करनी पड़ रहीं मिन्नतें

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अयोध्या। स्वच्छता, पेयजल, शिक्षा जैसे कार्यों में पंचायतों की महत्वपूर्ण भूमिका सुनिश्चित करने के लिए लागू मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन पुरस्कार योजना पर कमीशनबाजी की काली छाया पड़ गई है। इसे लेकर पहले नम्बर पर आनी वाली पंचायत के प्रधान को ही पुरस्कार के लिए चिरौरी करनी पड़ रही है। प्रधान ने पंचायत सचिव पर कमीशन …

अयोध्या। स्वच्छता, पेयजल, शिक्षा जैसे कार्यों में पंचायतों की महत्वपूर्ण भूमिका सुनिश्चित करने के लिए लागू मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन पुरस्कार योजना पर कमीशनबाजी की काली छाया पड़ गई है। इसे लेकर पहले नम्बर पर आनी वाली पंचायत के प्रधान को ही पुरस्कार के लिए चिरौरी करनी पड़ रही है। प्रधान ने पंचायत सचिव पर कमीशन मांगने का आरोप लगाया है। जिलाधिकारी से आनलाइन शिकायत की गई है। मामले की जांच एडीओ पंचायत मवई को सौंपी गई है।

मवई ब्लाक के संडवा ग्राम पंचायत को 2021 में शासन स्तर से सीएम पंचायत प्रोत्साहन पुरस्कार योजना के तहत जिले में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ था, जिसकी वजह से ग्राम पंचायत को विकास कार्यों के लिए अतिरिक्त धनराशि मुहैया कराई गई। ग्राम पंचायत में विकास कार्यों के लिए राज्य व केंद्र सरकार की ओर से बजट उपलब्ध कराया गया।

पूर्व ग्राम प्रधान निशाद ने बताया कि उन्होंने शासन से मिले धन से गांव में जनसुविधा केंद्र का निर्माण कराया। इसी बीच ग्राम प्रधान का चुनाव आ गया और वे उस चुनाव में हार गए, जिसके बाद वे फाइल लेकर भुगतान के लिए ब्लाक से लेकर जिले तक अधिकारियों का चक्कर लगा रहे हैं। आरोप लगाया है कि उनके गांव के पंचायत सचिव अब भुगतान कराने के लिए 20 प्रतिशत कमीशन की मांग कर रहे हैं।

प्रधान का आरोप है कि उन्होंने 50 हजार रुपये पंचायत सचिव को दे भी दिया, लेकिन अब और 50 हजार मांग रहे हैं। पंचायत सचिव रजनीश कुमार वर्मा ने आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने कहा एक भुगतान नए प्रधान को कर दिया गया है। खंड विकास अधिकारी मोनिका पाठक का कहना है कि एक बार उनके पास आया था, लेकिन दोबारा नहीं आया। यदि आता है तो निराकरण करा दिया जाएगा।

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