अलीगढ़: यूपी बोर्ड विज्ञान परीक्षा में फर्जी छात्र पकड़े गए, दर्ज हुआ मामला

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Edited By Amrit Vichar
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अलीगढ़। यूपी बोर्ड की हाईस्कूल , इंटरमीडिएट की परीक्षाएं चल रही है। 2022 की परीक्षाओं में पेपर लीक भी हुआ जिसके बाद से पेपर को दूसरी तारीख पर स्थगित कर दिया गया। लेकिन अभी हाल ही में एक मामला सामना आया है कि परीक्षा के दौरान फर्जी छात्र बैठकर परीक्षा दे रहे थे। आपको बतादें …

अलीगढ़। यूपी बोर्ड की हाईस्कूल , इंटरमीडिएट की परीक्षाएं चल रही है। 2022 की परीक्षाओं में पेपर लीक भी हुआ जिसके बाद से पेपर को दूसरी तारीख पर स्थगित कर दिया गया। लेकिन अभी हाल ही में एक मामला सामना आया है कि परीक्षा के दौरान फर्जी छात्र बैठकर परीक्षा दे रहे थे।

आपको बतादें कि यूपी बोर्ड हाईस्कूल की विज्ञान विषय की परीक्षा में तीन फर्जी छात्र पकड़े गए हैं। सुबह 08 से 11:15 बजे की पाली में फर्जी छात्रों को प्रशासन की फ्लाइंग स्कॉट ने पकड़ा है। यह फर्जी छात्र उम्र कम करने के लिए छह से आठ साल बाद दोबारा हाईस्कूल की परीक्षा दे रहे थे। जिसके बाद जांच के दौरान छात्रों को पकड़ा गया है।

फर्जी छात्रों के साथ प्रधानाचार्य पर भी FIR होगी दर्ज
अलीगढ़ के SA इंटर कॉलेज अतरौली से अनुज, KMV इंटर कॉलेज अतरौली से आकाश और K And SRMV इंटर कालेज अतरौली से हरिओम को उम्र छिपाकर परीक्षा देते हुए पकड़ा गया है। जिसमें से अनुज और आकाश दोनों ही बुलंदशहर के निवासी हैं।

जबकि हरिओम अतरौली का ही निवासी है। अतरौली के केंद्रों में परीक्षा देने से पहले इन फर्जी परीक्षार्थियों के दस्तावेज मिलाते समय हुई चूक के चलते केंद्र के व्यवस्थापक और इन फर्जी छात्रों के नामांकन करने वाले प्रधानाचार्यों पर भी FIR दर्ज कराने की कार्रवाई की जा रही है।

अभी इनसे तत्काल स्पष्टीकरण मांगा जा रहा है। DIOS डा. धर्मेंद्र कुमार शर्मा ने बताया कि तीनों फर्जी छात्रों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हो गया है। इनके नामांकन करने वाले कॉलेजों के प्रधानाचार्य के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।

जूते-मोजे नहीं उतरवाएं
आपको बता दें कि यूपी बोर्ड परीक्षा में इस बार 51 लाख 92 हजार परीक्षार्थी 8373 केंद्रों पर परीक्षा दे रहे हैं। लेकिन इसी बार 10वीं और 12वीं की परीक्षार्थियों की तलाशी में थोड़ी राहत दी गई है। परीक्षा कक्ष में जाने से पहले छात्र-छात्रओं की तलाशी में जूते-मोजे तक उतरवाए जाते थे।

जिसकी वजह से काफी असुविधाएं होती है। मगर इस बार अपर मुख्य सचिव माध्यमिक शिक्षा आराधना शुक्ला ने केंद्र व्यवस्थापकों को कड़े निर्देश दिए थे कि परीक्षा अवधि में परीक्षार्थियों के जूते-मोजे कदापि नहीं उतरवाएं।

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